फतेहाबाद 03 जून 2026 (संजीव शर्मा): शहर की विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं से जुड़े प्रमुख समाजसेवी सुदर्शन नरूला ने पंजाबी समाज के प्रति की जाने वाली अपमानजनक टिप्पणियों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि किसी भी पंजाबी को रिफ्यूजी या पाकिस्तानी कहकर संबोधित करना न केवल अनुचित है बल्कि सामाजिक सौहार्द को भी नुकसान पहुंचाने वाला है। सुदर्शन नरूला ने कहा कि भारत एक विविधताओं वाला देश है, जहां सभी धर्मों, जातियों और समुदायों का समान सम्मान किया जाता है। ऐसे में किसी भी समाज या समुदाय के प्रति अपमानजनक भाषा का प्रयोग करना सभ्य समाज की पहचान नहीं हो सकता।
उन्होंने कहा कि पंजाबियों ने देश की आजादी से लेकर राष्ट्र निर्माण तक हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि पंजाबी समाज ने व्यापार, उद्योग, कृषि, शिक्षा, सेना, सामाजिक सेवा और देश की आर्थिक प्रगति में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है। देश के विकास में उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। ऐसे में उन्हें अपमानजनक शब्दों से संबोधित करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
सुदर्शन नरूला ने कहा कि समाज में भाईचारा, प्रेम और आपसी सद्भाव बनाए रखने के लिए सभी को एक-दूसरे के प्रति सम्मानजनक व्यवहार अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारी भाषा और शब्द ही हमारी संस्कृति और संस्कारों को दर्शाते हैं, इसलिए हर व्यक्ति को बोलचाल में संयम और मर्यादा का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि “सबका करो सम्मान, किसी का भी न हो अपमान” का संदेश आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। समाज को जोडऩे वाले विचारों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए, न कि लोगों को बांटने वाली मानसिकता को।
सुदर्शन नरूला ने सरकार से मांग की कि किसी भी समुदाय, जाति या वर्ग के खिलाफ अपमानजनक एवं भडक़ाऊ टिप्पणियां करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सामाजिक सौहार्द बिगाडऩे वाले बयानों पर रोक लगनी चाहिए तथा कानून में ऐसे मामलों के लिए प्रभावी दंड का प्रावधान होना चाहिए। अंत में उन्होंने सभी नागरिकों से आपसी प्रेम, भाईचारे और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का आह्वान करते हुए कहा कि भारत की ताकत उसकी विविधता और एकता में निहित है, इसलिए सभी को मिल-जुलकर सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने में अपना योगदान देना चाहिए।






