मोहाली (पंजाब), 7 जनवरी 2026: देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 200 से अधिक यूनिवर्सिटियों के 2,700 से ज्यादा पहलवानों ने ऑल इंडिया इंटर-यूनिवर्सिटी रेसलिंग ग्रीको-रोमन और फ्रीस्टाइल (पुरुष) चैंपियनशिप 2025–26 में अपने शानदार और दमदार प्रदर्शन से दर्शकों को रोमांचित किया।
इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय चैंपियनशिप का आयोजन एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज (AIU) द्वारा किया गया, जिसकी मेजबानी चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, मोहाली (पंजाब) ने की। पांच दिवसीय इस प्रतियोगिता में ग्रीको-रोमन और फ्रीस्टाइल कुश्ती की 20 भार श्रेणियों में 1,000 से अधिक मुकाबले खेले गए।
चैंपियनशिप के मुख्य अतिथि ओलंपिक कांस्य पदक विजेता, राजीव गांधी खेल रत्न, पद्मश्री और अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित योगेश्वर दत्त रहे, जबकि अर्जुन पुरस्कार विजेता और प्रोफेशनल कबड्डी खिलाड़ी मनजीत छिल्लर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
उद्घाटन दिवस के प्रमुख मुकाबले
ग्रीको-रोमन 130 किग्रा वर्ग के फाइनल में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के हरदीप ने एकतरफा मुकाबले में पीयू गुजरात के नितिन को 8-0 अंकों से हराकर स्वर्ण पदक जीता।
इसी भार वर्ग में कांस्य पदक के मुकाबलों में गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी, नोएडा के शक्ति ने यूनिवर्सिटी ऑफ राजस्थान के राहुल को 12-7 से हराया, जबकि रिम्ट गोबिंदगढ़ के सचिन ने एमडीयू हरियाणा के दिशांत को 5-4 अंकों से पराजित किया।
फ्रीस्टाइल 61 किग्रा वर्ग में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के तुषार ने जेएमएयू कोटा, राजस्थान के कपिल को 11-0 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
इस वर्ग में एमडीयू हरियाणा के कार्तिक और पीयू चंडीगढ़ के पुष्प ने कांस्य पदक जीते।
ग्रीको-रोमन 97 किग्रा वर्ग में आरआरबीएम अलवर (राजस्थान) के वंश ने आरसीवी बेलगावी के बापू साहेब को 8-0 से हराया।
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की खेल उपलब्धियां
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के सीनियर मैनेजिंग डायरेक्टर दीपिंदर सिंह संधू ने कहा कि कुश्ती केवल एक खेल नहीं, बल्कि यह देश की शान और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अहम हिस्सा है। विश्वविद्यालय युवा खिलाड़ियों को पारंपरिक खेलों से जोड़ने और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी 71 पदक जीतकर देश की पहली निजी यूनिवर्सिटी बनी, जिसने प्रतिष्ठित मौलाना अबुल कलाम आज़ाद (MAKA) ट्रॉफी जीती। इसके अलावा यूनिवर्सिटी ने 2024 और 2025 में लगातार खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स का खिताब भी अपने नाम किया।
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के छात्र अब तक कुल 610 पदक जीत चुके हैं, जिनमें 138 राष्ट्रीय और 87 अंतरराष्ट्रीय पदक शामिल हैं। विश्वविद्यालय खेल छात्रवृत्तियों पर सालाना 6.5 करोड़ रुपये खर्च करता है और खिलाड़ियों को विशेष आहार, खेल किट, यात्रा, कोचिंग, हॉस्टल और अन्य सुविधाएं निःशुल्क प्रदान करता है। वर्तमान में 562 महिला खिलाड़ियों सहित 1,183 छात्र-खिलाड़ी खेल छात्रवृत्ति का लाभ उठा रहे हैं।






