Friday, June 5, 2026
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डीसी डॉ. हिमांशु अग्रवाल के निर्देश: अवैध शराब का कारोबार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा

मेथेनॉल की खरीद-फरोख्त और आवाजाही पर रहेगी कड़ी निगरानी : डॉ. हिमांशु अग्रवाल
नकली शराब बेचने वालों के खिलाफ होगी सख्त कानूनी कार्रवाई : डीसी

पटियाला, 5 जून, 2026: पंजाब सरकार द्वारा अवैध एवं नकली शराब के कारोबार पर रोक लगाने के लिए जारी निर्देशों के तहत डिप्टी कमिश्नर डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने एक विशेष बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग, आबकारी विभाग तथा ड्रग कंट्रोलर विभाग की संयुक्त टीमें गठित कर लगातार जांच अभियान चलाया जाए और समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कहा कि मेथेनॉल का दुरुपयोग न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह लोगों के जीवन के लिए भी गंभीर खतरा बन सकता है। इसलिए नकली शराब बेचने वालों तथा इस अवैध धंधे से जुड़े व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

डीसी ने कहा कि मेथेनॉल (मिथाइल अल्कोहल) एक विषैला रासायनिक पदार्थ है और इसके दुरुपयोग से किसी भी समय गंभीर दुर्घटनाएं हो सकती हैं। इसलिए संवेदनशील क्षेत्रों, जैसे अवैध शराब बिक्री वाले इलाकों, श्रमिक बस्तियों और झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों में विशेष जांच की जाए तथा आम जनता को जागरूक करने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाए।

डिप्टी कमिश्नर ने आबकारी विभाग को निर्देश दिए कि मेथेनॉल (मिथाइल अल्कोहल) के डीलरों एवं संस्थानों की निगरानी के लिए संबंधित विभागों की संयुक्त टीमें गठित की जाएं, ताकि मेथेनॉल की खरीद, बिक्री और परिवहन पर प्रभावी निगरानी रखी जा सके।

उन्होंने सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों में मेथेनॉल और अन्य रासायनिक पदार्थों के लाइसेंसधारी प्रतिष्ठानों की जांच करने के निर्देश भी दिए।

डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने आबकारी विभाग को यह भी निर्देश दिया कि मेथेनॉल के लिए ज़हर लाइसेंस रखने वाली फर्मों तथा शराब से संबंधित लाइसेंसधारी इकाइयों की अलग-अलग सूची तैयार कर संबंधित विभागों के साथ साझा की जाए, ताकि निगरानी एवं जांच प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

इस अवसर पर एसपी वैभव चौधरी ने बताया कि पुलिस द्वारा समय-समय पर जांच और छापेमारी की जाती है तथा भविष्य में भी ऐसी कार्रवाइयों को और तेज किया जाएगा।

सिविल सर्जन डॉ. शैली जेटली ने कहा कि मेथेनॉल युक्त शराब के सेवन से चक्कर आना, उल्टी होना, सिरदर्द, धुंधला दिखाई देना, पेट दर्द और बेहोशी जैसे लक्षण उत्पन्न हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने यह भी अपील की कि मेथेनॉल युक्त औद्योगिक उत्पादों का रखरखाव एवं भंडारण सुरक्षित ढंग से किया जाए तथा इन्हें बच्चों की पहुंच से दूर रखा जाए।

डिप्टी कमिश्नर ने दोहराया कि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है और नकली शराब के कारोबार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इस बैठक में सहायक आबकारी आयुक्त राजेश एरी, आबकारी अधिकारी रुपिंदरजीत, ड्रग विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी भी उपस्थित थे।

 

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