पटियाला, 5 जून, 2026: पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान केंद्र (के.वी.के.), पटियाला द्वारा डिप्टी डायरेक्टर (प्रशिक्षण) डॉ. हरदीप सिंह सभिखी के प्रयासों तथा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, पटियाला के सहयोग से के.वी.के. परिसर में प्रशिक्षण एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिला पटियाला के 50 से अधिक खाद एवं कीटनाशक विक्रेताओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम में मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. दारा सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने मिट्टी के स्वास्थ्य के साथ-साथ मानव स्वास्थ्य की सुरक्षा पर बल देते हुए उर्वरकों और कीटनाशकों के विवेकपूर्ण एवं संतुलित उपयोग का संदेश दिया।
डॉ. हरदीप सिंह सभिखी ने किसानों को धान की फसल में वायरल रोगों से बचाव के लिए नर्सरी तथा खेतों में सफेद पीठ वाले फुदके (व्हाइट बैक्ड प्लांट हॉपर) की निगरानी एवं उसके समय पर प्रबंधन संबंधी विस्तृत जानकारी दी।
सहायक प्रोफेसर (फसल विज्ञान) डॉ. गुरप्रीत सिंह ने किसानों को खेती की लागत कम करने तथा भूमि की उर्वरता और स्वास्थ्य में सुधार के लिए गोबर की खाद, फसल अवशेष, जैव उर्वरकों तथा हरी खाद का अनिवार्य रूप से उपयोग करने की सलाह दी।
भारतीय मक्का अनुसंधान केंद्र, लुधियाना के वैज्ञानिक (पादप रोग) डॉ. परवीन कुमार बागड़िया ने मक्का की फसल में कीटों और रोगों की रोकथाम के साथ-साथ मक्का बीज उत्पादन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की।
ए.डी.ओ. (प्रवर्तन) डॉ. अमनप्रीत सिंह ने खाद विक्रेताओं को यूरिया की उचित बिक्री एवं प्रबंधन के बारे में जानकारी दी।
कार्यक्रम के अंत में खाद विक्रेताओं ने अपने विचार साझा किए। अंत में डॉ. गुरप्रीत सिंह ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का धन्यवाद किया।






