जयपुर, 29 मई : राजस्थान सरकार में सहकारिता मंत्री Gautam Kumar Dak के खिलाफ चित्तौड़गढ़ जिले के डूंगला थाने में पुलिसकर्मियों को धमकाने, अपशब्द कहने और राजकार्य में बाधा डालने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को इसकी पुष्टि की।
जानकारी के अनुसार, सोशल मीडिया पर एक कथित ऑडियो वायरल होने के बाद गुरुवार को मंत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। वायरल ऑडियो में एक व्यक्ति को पुलिसकर्मियों के साथ गाली-गलौज करते और धमकाते हुए सुना जा सकता है। हालांकि मंत्री गौतम दक ने वीडियो बयान जारी कर कहा है कि वायरल ऑडियो से उनका कोई संबंध नहीं है और इसे उनकी छवि खराब करने की साजिश बताया।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मंत्री के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 132 (राजकार्य में बाधा), 351(2) (आपराधिक धमकी) और 352 (जानबूझकर अपमान) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
एफआईआर थाना प्रभारी शैतान सिंह की ओर से दर्ज करवाई गई है। शिकायत में कहा गया है कि सोमवार को मंत्री ने उन्हें फोन कर थाने से बाहर बुलाया और दो कांस्टेबल — विष्णु कुमार तथा लक्ष्मीनारायण — के बारे में पूछताछ की। आरोप है कि दोनों पुलिसकर्मियों के पहुंचने पर मंत्री ने सार्वजनिक रूप से उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया और धमकियां दीं।
एफआईआर में यह भी आरोप लगाया गया है कि मंत्री ने पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट करने की कोशिश की। शिकायत के अनुसार, मंत्री ने कांस्टेबल लक्ष्मीनारायण के पुराने तबादले का जिक्र करते हुए उन्हें डराने-धमकाने का प्रयास किया।
बताया जा रहा है कि मंत्री इस बात से नाराज थे कि उनके कथित परिचित धनराज को पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया था। मामले की जांच जारी है।






