चंडीगढ़, 29 मई (श.अ. ब्यूरो): भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने एक बार फिर अपने संगठनात्मक फैसलों से देश के राजनीतिक गलियारों को हैरान कर दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व ने पंजाब सहित चार महत्वपूर्ण राज्यों में नए प्रदेश अध्यक्षों की घोषणा कर दी है। हाल ही में जगत प्रकाश नड्डा के स्थान पर बिहार के विधायक नितिन नबीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने के बाद, अब राज्य इकाइयों में भी युवा और अनुभवी नेताओं को आगे लाकर बड़ी जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
पार्टी के इस नए फेरबदल के तहत जहां पंजाब भाजपा की कमान मालवा के दिग्गज नेता केवल सिंह ढिल्लों को दी गई है, वहीं हरियाणा, दिल्ली और त्रिपुरा में भी नए चेहरों की ताजपोशी की गई है।
1. पंजाब: सुनील जाखड़ की जगह केवल सिंह ढिल्लों को जिम्मेदारी
पंजाब भाजपा के अध्यक्ष पद पर अब सुनील जाखड़ की जगह केवल सिंह ढिल्लों को नियुक्त किया गया है। श्री जाखड़ ने पिछले डेढ़ साल के दौरान पंजाब में पार्टी को मजबूत करने के लिए सराहनीय काम किया, जिसका असर हालिया नगर निगम चुनावों में भाजपा के आक्रामक रुख में देखने को मिला। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि श्री जाखड़ को जल्द ही राष्ट्रीय स्तर पर कोई बड़ा पद सौंपा जा सकता है।
कौन हैं केवल सिंह ढिल्लों?
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उम्र और पृष्ठभूमि: 76 वर्षीय केवल सिंह ढिल्लों नियुक्त किए गए चारों नए अध्यक्षों में उम्र के लिहाज से सबसे बड़े हैं। वे संगरूर जिले के गांव टल्लेवाल के मूल निवासी हैं और पूर्व में एनआरआई (NRI) रह चुके हैं।
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आर्थिक योगदान: उन्होंने 1989 में पंजाब के काले दौर (उग्रवाद के दिनों) के दौरान बहुराष्ट्रीय कंपनी ‘पेप्सिको’ (PepsiCo) को पंजाब लाकर राज्य में विदेशी निवेश के रास्ते खोले थे। आज वे रियल एस्टेट और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों के बड़े कारोबारी हैं।
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राजनीतिक सफर: वे 2007 से 2017 तक बरनाला विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के विधायक रहे। साल 2022 में वे कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे।
भाजपा की इसके पीछे क्या है रणनीति?
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छवि बदलना: भाजपा पंजाब में खुद पर लगे “सिर्फ हिंदू समुदाय की पार्टी” के ठप्पे को हटाना चाहती है, जिसके लिए उन्हें मालवा क्षेत्र में एक मजबूत सिख चेहरे की तलाश थी।
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सीएम मान को टक्कर: भाजपा उन्हें मुख्यमंत्री भगवंत मान के गृह क्षेत्र (मालवा) में एक मजबूत और योग्य टक्कर देने वाले नेता के रूप में देख रही है।
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कैप्टन को भरोसा: इस नियुक्ति के जरिए केंद्रीय नेतृत्व ने पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को भी यह भरोसा दिलाया है कि उनके करीबियों के हितों को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा है।
2. हरियाणा: डॉ. अर्चना गुप्ता बनीं प्रदेश अध्यक्ष
हरियाणा में भाजपा ने रूढ़िवादी मान्यताओं को पीछे छोड़ते हुए एक महिला नेता डॉ. अर्चना गुप्ता को प्रदेश की कमान सौंपी है। डॉ. अर्चना गुप्ता पेशे से एक जानी-मानी रेडियोलॉजिस्ट हैं। वे इससे पहले हरियाणा भाजपा की प्रदेश महासचिव रह चुकी हैं और उन्होंने हरियाणा भाजपा महिला मोर्चा को सक्रिय करने में बेहद अहम भूमिका निभाई है।
3. दिल्ली और त्रिपुरा: हर्ष मल्होत्रा और अभिषेक देबरॉय को कमान
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दिल्ली: दिल्ली प्रदेश भाजपा की कमान केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा को सौंपी गई है, जो वीरेंद्र सचदेवा की जगह लेंगे। भाजपा ने साल 2024 के लोकसभा चुनाव में गौतम गंभीर की जगह उन्हें पूर्वी दिल्ली से मैदान में उतारा था। पहली बार सांसद बनने के बावजूद वे केंद्रीय मंत्रिमंडल में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री हैं। एक पंजाबी (सचदेवा) की जगह दूसरे पंजाबी (मल्होत्रा) को अध्यक्ष बनाकर पार्टी ने दिल्ली के पंजाबी समुदाय को बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है।
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त्रिपुरा: त्रिपुरा में प्रदेश अध्यक्ष का महत्वपूर्ण पद अभिषेक देबरॉय के हिस्से आया है।






