संगरूर, 5 जून 2026 : पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), संगरूर द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर किसानों और महिला किसानों के साथ मिलकर पर्यावरण संरक्षण तथा प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस अवसर पर संबोधित करते हुए पीएयू-कृषि विज्ञान केंद्र, संगरूर के प्रभारी डॉ. मनदीप सिंह ने आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने किसानों को खेती में पानी, मिट्टी तथा अन्य कृषि संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करने और पर्यावरण-अनुकूल कृषि पद्धतियां अपनाने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने किसानों को कार्बन क्रेडिट योजना के लाभों तथा प्राकृतिक खेती के माध्यम से आय के नए अवसरों के बारे में भी जानकारी दी। साथ ही फसलों में उर्वरकों के संतुलित एवं सीमित उपयोग की अपील करते हुए कहा कि इससे रासायनिक खेती पर निर्भरता कम होगी और किसानों के उत्पादन खर्च में भी कमी आएगी।
डॉ. वितस्ता, सहायक प्रोफेसर (गृह विज्ञान) ने पर्यावरण प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और कृषि रसायनों के अत्यधिक उपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने फसल विविधीकरण, जल का कुशल उपयोग, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन तथा फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन को टिकाऊ कृषि विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने वृक्षारोपण करने, पौधों की देखभाल करने तथा दैनिक जीवन में पर्यावरण-अनुकूल गतिविधियों को अपनाने का सामूहिक संकल्प लिया।
इस अवसर पर किसानों और महिला किसानों ने जागरूकता अभियान चलाने तथा कृषि समुदाय को अधिक हरित एवं टिकाऊ खेती की ओर प्रेरित करने के लिए पीएयू-केवीके, संगरूर की टीम की सराहना की।