चंडीगढ़, 17 मई 2026: विश्व उच्च रक्तचाप दिवस के अवसर पर पंजाब सरकार ने राज्य में हाई ब्लड प्रेशर की रोकथाम और उपचार को लेकर चलाए जा रहे स्वास्थ्य अभियानों की जानकारी साझा की। सरकार के अनुसार अब तक पंजाब में 30 वर्ष से अधिक आयु के एक करोड़ से ज्यादा लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है, जबकि लगभग 24 लाख मरीजों को उपचार प्रणाली से जोड़ा गया है।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने उच्च रक्तचाप को “साइलेंट किलर” बताते हुए कहा कि यह बीमारी स्ट्रोक, हार्ट फेलियर और किडनी संबंधी गंभीर समस्याओं का कारण बन रही है। उन्होंने बताया कि राज्य के 990 आम आदमी क्लीनिकों सहित सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में नियमित जांच, मुफ्त दवाइयां और फॉलो-अप सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
सरकार “सीएम दी योगशाला” कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को योग, तनाव नियंत्रण और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए भी प्रेरित कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक अब तक 10,600 से अधिक योग कक्षाएं आयोजित की जा चुकी हैं, जिनमें करीब तीन लाख लोगों ने भाग लिया।
स्टेट हेल्थ एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार पटियाला, एसएएस नगर (मोहाली), होशियारपुर, जालंधर और फरीदकोट में हाई ब्लड प्रेशर के मामलों की संख्या अधिक दर्ज की गई है। वहीं अमृतसर और लुधियाना में 50 से 77 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं में यह समस्या ज्यादा देखी गई।
डॉ.सौरभ शर्मा ने कहा कि आधुनिक जीवनशैली,तनाव,खराब खानपान और व्यायाम की कमी के कारण अब युवाओं में भी हाई ब्लड प्रेशर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने समय पर जांच और इलाज को बेहद जरूरी बताया।