तेल अवीव, 1 मई 2026:: संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है। अमेरिका, ईरान के खिलाफ पहली बार अपनी अत्याधुनिक हाइपरसोनिक मिसाइलों का उपयोग कर सकता है। यूएस सेंट्रल कमांड के कमांडर ने राष्ट्रपति ट्रंप को ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई के लिए विभिन्न विकल्पों की जानकारी दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एडमिरल ब्रैंड कूपर ने व्हाइट हाउस सिचुएशन रूम में राष्ट्रपति ट्रंप के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस दौरान उन्होंने ईरान पर जवाबी हमले के कई विकल्प पेश किए। ब्रीफिंग में संकेत दिया गया कि यदि राष्ट्रपति ट्रंप हमले को मंजूरी देते हैं, तो एक “सीमित लेकिन अत्यंत शक्तिशाली हमला” किया जा सकता है। इस हमले का मुख्य उद्देश्य ईरान की सैन्य संपत्ति, उसके नेतृत्व और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना होगा।
रक्षा विभाग कई नए और उन्नत हथियार प्रणालियों को तैनात करने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। इनमें “डार्क ईगल” के नाम से जानी जाने वाली हाइपरसोनिक मिसाइल प्रमुख है।
- मारक क्षमता: यह मिसाइल लगभग 3,200 किलोमीटर (2,000 मील) की दूरी तक लक्ष्य को भेदने में सक्षम है।
- उद्देश्य: इसका उपयोग ईरान के शेष बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर्स को नष्ट करने के लिए किया जा सकता है।
युद्ध की तैयारियों के तहत क्षेत्र में बी-1बी लांसर बॉम्बर विमानों की मौजूदगी को और मजबूत किया जा रहा है। ये विमान न केवल भारी मात्रा में हथियार ले जाने में सक्षम हैं, बल्कि इन्हें हाइपरसोनिक हथियारों से भी लैस किया गया है। इन तैयारियों से स्पष्ट है कि अमेरिका किसी भी स्थिति से निपटने के लिए बड़े स्तर पर सैन्य घेराबंदी कर रहा है।






