वॉशिंगटन डीसी, 19 अप्रैल 2026 : वैश्विक तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल के प्रति मजबूत समर्थन जताते हुए उसे अमेरिका का एक प्रमुख रणनीतिक सहयोगी बताया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर जारी बयान में कहा कि इजरायल ने खुद को “अमेरिका का महान सहयोगी” साबित किया है।
ट्रंप ने इजरायल की सराहना करते हुए उसे “साहसी, मजबूत, वफादार और बुद्धिमान” देश बताया। उन्होंने कहा कि संघर्ष और तनाव के समय इजरायल की सैन्य और रणनीतिक क्षमता अन्य देशों से अलग नजर आती है और वह “जीतना जानता है।”
यह बयान ऐसे समय में आया है जब संयुक्त राज्य अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। खासकर युद्धविराम, समुद्री सुरक्षा और Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही को लेकर स्थिति जटिल बनी हुई है।
इस बीच ईरान की Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने एक बड़ा कदम उठाते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की घोषणा की है। ईरान का आरोप है कि अमेरिका ने युद्धविराम की शर्तों का उल्लंघन करते हुए उसके बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकेबंदी जारी रखी है।
IRGC नौसेना ने शनिवार को जारी बयान में कहा कि जब तक अमेरिका नाकेबंदी नहीं हटाता, तब तक जलडमरूमध्य बंद रहेगा। साथ ही क्षेत्र में मौजूद सभी जहाजों को चेतावनी दी गई है कि वे फारस की खाड़ी या ओमान सागर से इस मार्ग की ओर न बढ़ें, अन्यथा उन्हें “दुश्मन के साथ सहयोग” मानकर निशाना बनाया जाएगा।
यह घटनाक्रम वैश्विक समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है।
इसी बीच लेबनान में हिजबुल्लाह के प्रमुख नईम कासिम ने इजरायल के साथ जारी 10 दिन के युद्धविराम को बनाए रखने के लिए शर्तें रखी हैं। उन्होंने अल जजीरा को दिए इंटरव्यू में कहा कि शांति बनाए रखने के लिए इजरायल को हर तरह की सैन्य कार्रवाई रोकनी होगी।
कासिम ने आगे कहा कि स्थायी समाधान के लिए इजरायल को लेबनान से पूरी तरह पीछे हटना होगा, कैदियों की रिहाई करनी होगी और विस्थापित लोगों की वापसी सुनिश्चित करनी होगी। इसके बाद क्षेत्र में बड़े स्तर पर पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए, जिसमें अरब देशों की भूमिका अहम होगी।
इस पूरे घटनाक्रम ने मध्य पूर्व में अस्थिरता को और बढ़ा दिया है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता गहरा दी है।






