पटियाला 19 अप्रैल, 2026 : राजीव गांधी नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ, पंजाब (RGNUL) द्वारा 17–18 अप्रैल 2026 को 14वीं नेशनल मूट कोर्ट प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों को उभरते हुए कानूनी मुद्दों से अवगत कराना था, विशेष रूप से भ्रष्टाचार विरोधी कानूनों के विस्तार, व्हाइट कॉलर अपराध, डिजिटल गोपनीयता, डिजिटल आत्म-अपराध स्वीकार्यता और बायोमेट्रिक से संबंधित संवैधानिक सुरक्षा के विषय में।
इस प्रतियोगिता का आयोजन RGNUL मूट कोर्ट कमेटी (RMCC) द्वारा फैकल्टी कोऑर्डिनेटर डॉ. जसविंदर कौर (सहायक प्रोफेसर, विधि) तथा सेंटर फॉर एडवांस्ड स्टडीज इन क्रिमिनल लॉ के मार्गदर्शन में किया गया। मूट प्रोपोजिशन श्री सौरदीप मुखोपाध्याय (असिस्टेंट प्रोफेसर, ओ.पी. जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल) द्वारा तैयार किया गया था। इसमें भ्रष्टाचार विरोधी कानूनों के तहत लोक सेवक की परिभाषा, व्हाइट कॉलर अपराधों तथा साक्ष्य की स्वीकार्यता से जुड़े मुद्दों का विस्तृत अध्ययन किया गया। साथ ही डिजिटल गोपनीयता और आत्म-अपराध स्वीकार्यता के अधिकारों के बीच टकराव तथा आधुनिक फॉरेंसिक तकनीकों और संवैधानिक सुरक्षा के बीच संतुलन को भी उजागर किया गया।
देशभर के विभिन्न विधि महाविद्यालयों की 40 टीमों ने इस प्रतियोगिता में भाग लिया, जिससे इसका राष्ट्रीय स्वरूप स्पष्ट हुआ।
प्रतियोगिता विभिन्न चरणों में आयोजित की गई, जिसमें प्रारंभिक और ऑक्टा-फाइनल राउंड 4 अप्रैल 2026 को ऑनलाइन आयोजित किए गए। इनमें से 8 टीमें अगले चरण के लिए चयनित हुईं, जिनमें डॉ. डी.वाई. पाटिल लॉ कॉलेज, नवी मुंबई; एडवोकेट बालासाहेब आप्टे कॉलेज ऑफ लॉ, दादर; गवर्नमेंट लॉ कॉलेज, मुंबई; कैंपस लॉ सेंटर, दिल्ली विश्वविद्यालय; नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ एडवांस्ड लीगल स्टडीज, कोच्चि; नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु; सिम्बायोसिस लॉ स्कूल, नोएडा; और निरमा यूनिवर्सिटी, अहमदाबाद शामिल थे।
क्वार्टर फाइनल के बाद सेमीफाइनल के लिए एडवोकेट बालासाहेब आप्टे कॉलेज ऑफ लॉ, दादर; नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ एडवांस्ड लीगल स्टडीज, कोच्चि; सिम्बायोसिस लॉ स्कूल, नोएडा; और कैंपस लॉ सेंटर, दिल्ली विश्वविद्यालय की टीमें चयनित हुईं। फाइनल में एडवोकेट बालासाहेब आप्टे कॉलेज ऑफ लॉ, दादर और सिम्बायोसिस लॉ स्कूल, नोएडा की टीमें पहुंचीं।
फाइनल राउंड का मूल्यांकन माननीय न्यायाधीशों के पैनल द्वारा किया गया, जिसमें जस्टिस हरनाम सिंह ठाकुर (न्यायिक सदस्य, राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण), डॉ. दीपक कुमार श्रीवास्तव (एसोसिएट प्रोफेसर एवं कार्यवाहक रजिस्ट्रार, हिदायतुल्लाह नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, रायपुर) तथा प्रोफेसर डॉ. शरणजीत कौर (विधि प्राध्यापक, RGNUL) शामिल थे।
एडवोकेट बालासाहेब आप्टे कॉलेज ऑफ लॉ, दादर की टीम उपविजेता रही, जबकि सिम्बायोसिस लॉ स्कूल, नोएडा को विजेता घोषित किया गया। बेस्ट स्पीकर का पुरस्कार एस. कृष्णतारा (कोच्चि) को प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त, कोच्चि की टीम को बेस्ट मेमोरियल का पुरस्कार भी दिया गया।
कार्यक्रम का समापन डॉ. मनप्रीत कौर (सहायक प्रोफेसर, RGNUL) द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव के साथ किया गया। उन्होंने तथा फैकल्टी कोऑर्डिनेटर डॉ. जसविंदर कौर, डॉ. शिवा सतीश शारदा, डॉ. बसंत सिंह, श्री अनुभव एवं श्री सिसिर ने कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) जय शंकर सिंह, डीन अकादमिक्स प्रोफेसर (डॉ.) नरेश कुमार वत्स, डीन रिसर्च प्रोफेसर (डॉ.) कमलजीत कौर तथा रजिस्ट्रार डॉ. इवनीत कौर वालिया का सहयोग हेतु आभार व्यक्त किया। माननीय न्यायाधीशों का भी विशेष धन्यवाद किया गया।
स्टूडेंट कोऑर्डिनेटर मधुमिता जे., स्टूडेंट को-कन्वीनर जयप्रीत सिंह एवं आर्ची चतुर्वेदी सहित मूट कोर्ट कमेटी और सेंटर फॉर एडवांस्ड स्टडीज इन क्रिमिनल लॉ के विद्यार्थियों की भूमिका की भी सराहना की गई।






