खन्ना, 04 अप्रैल 2026: पंजाब के खन्ना में लुधियाना और फतेहगढ़ साहिब जिलों के भट्ठा मालिकों की बैठक के बाद राज्य में ईंटों की कीमत एक बार फिर बढ़ा दी गई है। बैठक में फैसला लिया गया कि अब ईंटें 8,800 रुपये प्रति हजार की दर से बेची जाएंगी। इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण कोयले की लगातार बढ़ती कीमत को बताया गया है।
लुधियाना जिला ईंट भट्ठा मालिक एसोसिएशन के अध्यक्ष अश्वनी कुमार शर्मा और खन्ना यूनिट के अध्यक्ष हरपाल सिंह औजला ने कहा कि भट्ठा उद्योग इस समय गंभीर संकट से गुजर रहा है। उन्होंने बताया कि करीब 50 प्रतिशत भट्ठे पहले ही बंद हो चुके हैं, जबकि बाकी भी घाटे में चल रहे हैं।
उनके अनुसार, कोयले की कीमत अब 20,000 रुपये प्रति टन से अधिक हो गई है, जिससे उत्पादन लागत में भारी बढ़ोतरी हुई है। पहले यही कोयला 10,500 से 11,500 रुपये प्रति टन के बीच मिलता था, लेकिन अब इसकी कीमत लगभग दोगुनी हो चुकी है।
भट्ठा मालिकों ने आरोप लगाया कि बड़े कॉरपोरेट घराने मनमाने दाम तय कर रहे हैं, जिसका सीधा असर छोटे भट्ठा मालिकों पर पड़ रहा है। इसके अलावा, जीएसटी दर 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 18 प्रतिशत किए जाने से भी उद्योग पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है।
सरकार द्वारा भट्ठों में 20 से 50 प्रतिशत तक धान की पराली के उपयोग को अनिवार्य करने से भी समस्याएं बढ़ी हैं। मालिकों का कहना है कि इससे ईंटों की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है और उत्पादन में दिक्कतें आ रही हैं।
इन सभी कारणों से कई भट्ठा मालिकों ने अपने भट्ठे लंबे समय के लिए बंद करने का फैसला लिया है। इसका सीधा असर निर्माण कार्य और आम लोगों पर पड़ रहा है। पिछले कुछ दिनों में ही ईंटों की कीमत 800 से 1200 रुपये प्रति हजार तक बढ़ चुकी है, जिससे घर बनाने वालों और रियल एस्टेट सेक्टर को बड़ा झटका लगा है।
भट्ठा मालिकों ने सरकार से मांग की है कि कोयले की कीमतों पर नियंत्रण किया जाए और नीतियों में राहत दी जाए, ताकि इस उद्योग को फिर से पटरी पर लाया जा सके।






