चंडीगढ़, 31 मार्च 2026: पंजाब की शिक्षा प्रणाली को आधुनिक, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। राज्य सरकार ने घोषणा की है कि 1 अप्रैल 2026 से सभी सरकारी स्कूलों में नया SMS अलर्ट सिस्टम लागू कर दिया जाएगा। इस डिजिटल पहल का मुख्य उद्देश्य स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति बढ़ाना और अभिभावकों को सीधे शिक्षा प्रक्रिया से जोड़ना है।
कैसे काम करेगा यह सिस्टम?
नई व्यवस्था के तहत, सभी सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को ई-पंजाब पोर्टल के नए ‘हाजिरी मॉड्यूल’ पर निर्धारित समय के भीतर छात्रों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करनी होगी। जैसे ही कोई छात्र स्कूल से अनुपस्थित चिह्नित किया जाएगा, उसके अभिभावक के मोबाइल फोन पर तुरंत एक SMS अलर्ट पहुंच जाएगा। यदि कोई छात्र लगातार दो दिनों तक अनुपस्थित रहता है, तो स्कूल प्रशासन सीधे परिवार से संपर्क कर कारण जानेगा और आवश्यक कार्रवाई करेगा।
शिक्षकों की जवाबदेही भी होगी तय
इस प्रणाली की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह केवल छात्रों तक सीमित नहीं है। अब यदि कोई शिक्षक भी स्कूल से अनुपस्थित रहता है, तो इसकी जानकारी भी अभिभावकों को SMS के माध्यम से भेजी जाएगी। सरकार का मानना है कि इस कदम से स्कूलों में अनुशासन बढ़ेगा, पारदर्शिता आएगी और सरकारी शिक्षा तंत्र के प्रति अभिभावकों का विश्वास मजबूत होगा।
मेगा PTM में मिली जानकारी
इस नई योजना का खुलासा हाल ही में आयोजित राज्यव्यापी मेगा पेरेंट्स-टीचर्स मीटिंग (PTM) के दौरान किया गया, जिसमें लगभग 18 लाख से अधिक अभिभावकों ने भाग लिया। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने इसे देश के सबसे बड़े स्कूल-कम्युनिटी जुड़ाव अभियानों में से एक बताया। इस बैठक में न केवल रिपोर्ट कार्ड बांटे गए, बल्कि छात्रों के सर्वांगीण विकास और स्वास्थ्य जागरूकता पर भी चर्चा की गई।
प्रिंसिपल होंगे नोडल अधिकारी
सिस्टम के सुचारू संचालन के लिए स्कूल प्रिंसिपलों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। उनकी जिम्मेदारी होगी कि:
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सभी शिक्षक समय पर ऑनलाइन हाजिरी दर्ज करें।
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पोर्टल पर अभिभावकों के मोबाइल नंबर हमेशा अपडेट रहें।
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लगातार अनुपस्थित रहने वाले छात्रों की निगरानी की जाए।






