इटली , 31 मार्च, 2026: ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर अमेरिका को उसके यूरोपीय सहयोगियों से समर्थन नहीं मिल रहा है। पहले स्पेन द्वारा अपने हवाई क्षेत्र के उपयोग से इनकार करने के बाद अब नाटो सहयोगी इटली ने भी ट्रंप प्रशासन को बड़ा झटका दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार इटली ने अमेरिकी सैन्य विमानों को सिसिली स्थित सिगोनेला एयरबेस पर उतरने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। बताया जा रहा है कि इन विमानों को यहां रुकने के बाद मध्य पूर्व के युद्ध प्रभावित क्षेत्रों की ओर जाना था।
मामले से जुड़े एक सूत्र ने खुलासा किया कि प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की सरकार ने अमेरिकी विमानों को अपने बेस पर उतरने की इजाजत नहीं दी। हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया गया कि विमानों की संख्या कितनी थी और उन्हें कब उतरना था।
एक इतालवी अखबार के मुताबिक कुछ अमेरिकी बॉम्बर्स पूर्वी सिसिली के इस बेस पर उतरने वाले थे, जिसके बाद उन्हें आगे मध्य पूर्व के लिए रवाना होना था। लेकिन इटली ने इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि अमेरिका की ओर से इस संबंध में कोई औपचारिक अनुरोध नहीं किया गया था। इटली का कहना है कि अमेरिकी पक्ष ने सैन्य नेतृत्व से जरूरी सलाह-मशविरा भी नहीं किया, जो कि दोनों देशों के बीच सैन्य समझौतों के तहत आवश्यक है।
इटली की विपक्षी पार्टियों ने भी सरकार से अपील की है कि वह देश को ईरान से जुड़े किसी भी सैन्य संघर्ष से दूर रखे और अमेरिकी ठिकानों के उपयोग की अनुमति न दे। वहीं सरकार ने संकेत दिया है कि अगर अमेरिका औपचारिक अनुरोध करता है तो इस पर संसद की मंजूरी ली जाएगी।
गौरतलब है कि इससे पहले स्पेन की रक्षा मंत्री मार्गरीटा रोब्लेस ने भी घोषणा की थी कि स्पेन ईरान पर संभावित हमलों में शामिल अमेरिकी विमानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र और सैन्य ठिकानों के उपयोग की अनुमति नहीं देगा।
इस घटनाक्रम से साफ है कि ईरान के मुद्दे पर अमेरिका को यूरोप में अपेक्षित समर्थन नहीं मिल रहा है, जिससे उसकी रणनीति पर असर पड़ सकता है।






