जल प्रबंधन और स्थायित्व पर हुई विस्तृत चर्चा, ग्रे-वाटर प्रबंधन और जल गुणवत्ता पर फोकस
फतेहाबाद, 22 मार्च, 2026 (संजीव शर्मा) : ग्रामीण क्षेत्रों में जल आपूर्ति प्रणालियों के सुचारू संचालन, बेहतर रखरखाव और स्वच्छता से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा तथा जनभागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, जल शक्ति मंत्रालय के निर्देशानुसार ‘सुजल ग्राम संवाद’ के पांचवें संस्करण का आयोजन किया गया। यह संवाद वर्चुअल माध्यम से आयोजित हुआ, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल ने की।
इस राष्ट्रीय स्तर के संवाद में देशभर की चुनिंदा ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों ने भाग लेते हुए ग्रामीण जल आपूर्ति प्रणालियों के संचालन, रखरखाव और स्थायित्व से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। 
जिला परिषद फतेहाबाद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सुरेश कुमार ने लघु सचिवालय के सभागार में अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ इस वर्चुअल संवाद में भाग लिया। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन की सफलता केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए आमजन की सक्रिय भागीदारी भी उतनी ही जरूरी है।
सीईओ ने बताया कि इस संवाद के दौरान कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई, जिनमें बिना किसी बाधा के जल आपूर्ति योजना का प्रभावी प्रबंधन, उपभोक्ता शुल्क संग्रह के माध्यम से वित्तीय आत्मनिर्भरता, ग्रे-वाटर (पुराने पानी) का पुन: उपयोग एवं सुरक्षित निपटान, तथा स्वच्छ पेयजल का स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण पर सकारात्मक प्रभाव शामिल रहे।
इस अवसर पर जिले के सभी खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी, विभिन्न ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधि, ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों के सदस्य तथा अन्य हितधारक भी वर्चुअल माध्यम से जुड़े और अपने सुझाव प्रस्तुत किए।
सीईओ सुरेश कुमार ने कहा कि सुजल ग्राम संवाद का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण, जल गुणवत्ता, नियमित आपूर्ति और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना है, ताकि ग्रामीण स्वयं जल संसाधनों के संरक्षण और प्रबंधन में अपनी जिम्मेदारी समझें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस कार्यक्रम को गंभीरता से लागू करते हुए गांव स्तर तक इसकी प्रभावी पहुंच सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने बताया कि जिले में जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न स्तरों पर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं और जल महोत्सव 2026 के तहत जल जीवन मिशन की नई गाइडलाइन्स के अनुसार कार्य किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य तभी संभव है, जब ग्राम पंचायतें, जल एवं स्वच्छता समितियां और आमजन मिलकर सामूहिक रूप से कार्य करें।
सीईओ ने कहा कि जल आपूर्ति प्रणालियों का नियमित रखरखाव, समय पर मरम्मत और स्वच्छता मानकों का पालन सुनिश्चित करना सभी की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और अधिक से अधिक ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए व्यापक जनजागरूकता गतिविधियां चलाई जाएं।






