नई दिल्ली, 25 दिसंबर 2025: टोक्यो और पेरिस ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम को कांस्य पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले मिडफील्डर हार्दिक सिंह को देश के सर्वोच्च खेल सम्मान ‘मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार’ के लिए नामित किया गया है। यह नामांकन युवा मामले और खेल मंत्रालय द्वारा गठित चयन समिति ने पिछले दो वर्षों में भारतीय टीम के लिए उनके उत्कृष्ट योगदान को देखते हुए किया है।
27 वर्षीय हार्दिक सिंह वर्ष 2018 से भारतीय हॉकी टीम का हिस्सा हैं और मिडफील्डर के रूप में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराते रहे हैं। उनका जन्म पंजाब के खुसरोपुर गांव में हुआ। हॉकी उन्हें विरासत में मिली है—उनके पिता वरिंदरपाल सिंह राय पूर्व हॉकी खिलाड़ी रहे हैं, जबकि दादा प्रीतम सिंह राय कोच थे। चाचा गुरमेल सिंह 1980 ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहे।
हार्दिक सिंह की उपलब्धियों में टोक्यो 2021 और पेरिस 2024 ओलंपिक में दो कांस्य पदक, 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में रजत, 2022 एशियाई खेलों में स्वर्ण, 2025 एशिया कप में स्वर्ण और एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में दो स्वर्ण शामिल हैं। वह अब तक भारत के लिए 166 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं।
इसके अलावा चयन समिति ने विभिन्न खेलों के 24 खिलाड़ियों के नाम अर्जुन पुरस्कार के लिए भी सुझाए हैं। हार्दिक सिंह से पहले हॉकी में धनराज पिल्लै, सरदार सिंह, रानी रामपाल, पी.आर. श्रीजेश, मनप्रीत सिंह और हरमनप्रीत सिंह को खेल रत्न से सम्मानित किया जा चुका है।






