चंडीगढ़, 31 मई 2026। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य के शिक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव की घोषणा करते हुए कहा है कि अब स्कूल परीक्षाओं में विद्यार्थियों की मेरिट तय करने के लिए केवल प्राप्त अंक ही आधार होंगे। यदि दो या अधिक विद्यार्थी समान अंक प्राप्त करते हैं तो उन्हें समान रैंक दी जाएगी और उम्र को आधार बनाकर मेरिट का फैसला नहीं किया जाएगा।
रविवार को यहां मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करने के बाद उन्हें संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य शिक्षा बोर्डों और शैक्षणिक संस्थानों में लागू पुरानी व्यवस्था में समान अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के बीच उम्र के आधार पर रैंक तय की जाती थी। अब इस प्रथा को समाप्त कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था के तहत यदि दो विद्यार्थी समान अंक हासिल करते हैं तो दोनों को समान स्थान दिया जाएगा। इससे विद्यार्थियों के साथ अधिक न्यायपूर्ण और पारदर्शी व्यवहार सुनिश्चित होगा तथा उनकी मेहनत का सही मूल्यांकन हो सकेगा।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में यह बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा प्रणाली को अधिक निष्पक्ष, आधुनिक और विद्यार्थियों के हितों के अनुरूप बनाने के लिए लगातार सुधार कर रही है।
उन्होंने मेधावी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से मेहनत और लगन के साथ पढ़ाई करने का आह्वान करते हुए कहा कि राज्य सरकार उन्हें बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।






