अमृतसर: 4 अप्रैल, 2026 खालसा साजना दिवस बैसाखी के पावन अवसर पर पाकिस्तान स्थित गुरुधामों के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं के जत्थे की तैयारियों को लेकर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मन्नन ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि इस बार बैसाखी जत्थे के निर्धारित कार्यक्रम (शेड्यूल) में कुछ बदलाव किया गया है। पूर्व योजना के अनुसार, इस जत्थे को 12 अप्रैल को रवाना होकर 21 अप्रैल को वापस आना था, लेकिन अब नए शेड्यूल के मुताबिक श्रद्धालु 10 अप्रैल को पाकिस्तान के लिए रवाना होंगे और 19 अप्रैल को वतन वापसी करेंगे।
मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मन्नन ने बताया कि शिरोमणि कमेटी की ओर से इस पवित्र यात्रा के लिए 1860 पासपोर्ट भेजे गए हैं और उम्मीद जताई जा रही है कि लगभग 1800 श्रद्धालुओं को वीजा प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि 1947 के विभाजन के समय जो गुरुद्वारे पाकिस्तान में रह गए थे, उनके दर्शनों के लिए संगत में भारी उत्साह देखा जा रहा है। एसजीपीसी का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुविधा और उनकी बेहतर देखभाल सुनिश्चित करना है।
यात्रा के दौरान अकेले जाने वाली महिलाओं पर कथित प्रतिबंध की अफवाहों को खारिज करते हुए मुख्य सचिव ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी द्वारा ऐसा कोई प्रस्ताव पारित नहीं किया गया है और न ही कोई आधिकारिक पाबंदी लगाई गई है। हर श्रद्धालु गुरुधामों के दर्शन के लिए स्वतंत्र है। हालांकि, सुरक्षा और आपसी सहयोग के नजरिए से उन्होंने सुझाव दिया कि यदि महिलाएं अपने साथ किसी पारिवारिक सदस्य जैसे भाई, बेटा या किसी अन्य महिला साथी को लेकर जाएं, तो सफर के दौरान देखभाल करना आसान होता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जत्थे में एकजुट होकर जाने का एक अलग आनंद और सुकून होता है, जहाँ जरूरत पड़ने पर एक-दूसरे की मदद की जा सकती है।