नई दिल्ली, 30 मार्च 2026 : भारत की युवा पैरा एथलीट शीतल देवी ने तीरंदाजी की दुनिया में इतिहास रचते हुए वर्ष 2025 के लिए “दुनिया की सर्वश्रेष्ठ पैरा तीरंदाज” का खिताब अपने नाम कर लिया है। जम्मू-कश्मीर की 19 वर्षीय खिलाड़ी ने अपनी कड़ी मेहनत और अनोखी तकनीक से साबित कर दिया कि सीमाएं शरीर नहीं, बल्कि हौसले तय करते हैं।
शीतल देवी विश्व पैरा तीरंदाजी चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली बिना हाथों की एकमात्र महिला तीरंदाज हैं। पिछले साल उन्होंने दक्षिण कोरिया के ग्वांगजू में आयोजित महिला कंपाउंड व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था।
विशेष बात यह है कि शीतल अपने पैरों और कंधों की मदद से निशाना साधती हैं, जो उन्हें अन्य तीरंदाजों से अलग बनाता है। उनके इस अद्भुत कौशल ने उन्हें वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई है।
इसके अलावा, उन्होंने विश्व चैंपियनशिप में महिला टीम स्पर्धा में रजत पदक और मिक्स्ड टीम स्पर्धा में कांस्य पदक भी जीता है।
विश्व तीरंदाजी संगठन ने उनकी उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि शीतल देवी ने पिछले वर्ष शानदार प्रदर्शन किया और कई अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियां हासिल कीं, जिनमें एक विश्व खिताब भी शामिल है।






