तिब्बत, 29 मार्च 2026: तिब्बत में रविवार को 4.3 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार यह भूकंप 145 किलोमीटर की गहराई पर आया।
एनसीएस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए बताया, “भूकंप (EQ) की तीव्रता 4.3, समय 29/03/2026 को 10:54:27 IST, अक्षांश 30.187 उत्तर, देशांतर 84.280 पूर्व, गहराई 145 किमी, स्थान: तिब्बत।”
इससे पहले 27 मार्च को भी इसी क्षेत्र में 3.2 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था, जिसकी गहराई 40 किलोमीटर थी।
विशेषज्ञों के अनुसार तिब्बती पठार में भूकंपीय गतिविधियां आम हैं, क्योंकि यह क्षेत्र टेक्टोनिक प्लेट के टकराव का प्रमुख केंद्र है। यहां भारतीय प्लेट और यूरेशियन प्लेट के आपसी टकराव के कारण लगातार भूगर्भीय हलचल बनी रहती है।
तिब्बत और नेपाल एक बड़े भूगर्भीय फॉल्ट लाइन पर स्थित हैं, जहां प्लेटों के टकराव से भूकंप आते रहते हैं। इसी टकराव के कारण हिमालय का निर्माण हुआ और तिब्बती पठार की ऊंचाई भी बढ़ी।
वैज्ञानिकों के अनुसार, इस क्षेत्र में स्ट्राइक-स्लिप और नॉर्मल फॉल्टिंग जैसी भूगर्भीय प्रक्रियाएं सक्रिय हैं। बड़े भूकंप (8.0 या उससे अधिक) आमतौर पर स्ट्राइक-स्लिप फॉल्ट्स पर आते हैं, जबकि नॉर्मल फॉल्टिंग वाले भूकंप अपेक्षाकृत कम तीव्रता के होते हैं।
विशेषज्ञों ने बताया कि तिब्बती पठार में उत्तर-दक्षिण दिशा में फैले कई रिफ्ट और फॉल्ट लाइनें मौजूद हैं, जिनका निर्माण लगभग 40 से 80 लाख वर्ष पहले शुरू हुआ था। इसी कारण यह क्षेत्र विश्व के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में से एक माना जाता है।






