यमुनानगर: यमुनानगर में सड़क किनारे बनी झोंपड़ियां लंबे समय से दुर्घटनाओं का कारण बन रही थीं। पहले भी नगर निगम ने इनके खिलाफ कार्रवाई की थी, लेकिन लोगों ने वहां से हटने से इनकार कर दिया। आखिरकार आज निगम का सख्त रूख सामने आया और इस बार बुलडोज़र नहीं, बल्कि नगर निगम कर्मचारियों ने अपने हाथों से ही सभी झोंपड़ियां ढहा दीं।
महाराणा प्रताप चौक और भाई कनैया साहिब चौक के बीच बनी इन झोंपड़ियों को सुबह से शुरू हुई कार्रवाई के दौरान पूरी तरह हटा दिया गया। स्थानीय निवासियों ने विरोध किया, लेकिन पुलिस की मौजूदगी के कारण किसी तरह की बड़ी रुकावट नहीं आई। सड़क के एक ओर देहबस्ती के लोग और दूसरी ओर राजस्थान से आए प्रवासी मजदूरों की झोंपड़ियां बनी हुई थीं, जिनकी वजह से अक्सर दुर्घटनाएं होती थीं।
निगम टीम आज पूरी तरह एक्शन मोड में थी। कर्मचारियों ने एक-एक झोंपड़ी को हाथों से गिराया। प्रभावित लोगों ने बताया कि वे राजस्थान के रहने वाले हैं और बच्चों की शिक्षा तथा जीविका के लिए यहां आए थे। आर्थिक तंगी के कारण उन्होंने सड़क किनारे अस्थायी झोंपड़ियां बना ली थीं। उनका आरोप है कि निगम ने बिना किसी नोटिस के उन्हें उखाड़ दिया।
ध्यान देने योग्य है कि कुछ समय पहले भी नगर निगम ने इनके खिलाफ कार्रवाई की थी, लेकिन समझाइश के बाद टीम वापस लौट गई थी। इसके बावजूद लोग वहां से नहीं हटे। आज की कार्रवाई के बाद निगम ने स्पष्ट चेतावनी दी कि भविष्य में दोबारा सड़क किनारे झोंपड़ियां बनाई गईं तो फिर से सख्त कार्रवाई की जाएगी।






