चंडीगढ़: हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष Renu Bhatia ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनका इस्तीफा ऐसे समय आया है जब कुरुक्षेत्र के एलएनजेपी सिविल अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ पर की गई उनकी टिप्पणियों को लेकर राज्यभर में नर्सों का विरोध प्रदर्शन जारी है।
यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब रेनू भाटिया ने कुरुक्षेत्र के लोक नायक जयप्रकाश (एलएनजेपी) सिविल अस्पताल का दौरा किया था। अस्पताल के एक 62 वर्षीय डॉक्टर को 15 वर्षीय नाबालिग लड़की के कथित यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार किए जाने के बाद उन्होंने अस्पताल प्रबंधन, अधिकारियों और नर्सिंग स्टाफ को कथित लापरवाही के लिए फटकार लगाई थी।
नर्सिंग स्टाफ ने भाटिया की टिप्पणियों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए उनसे सार्वजनिक माफी की मांग की। विरोध के तहत सोमवार को एलएनजेपी अस्पताल के नर्सिंग कर्मचारियों ने दो घंटे की हड़ताल भी की।
अपने इस्तीफे के संबंध में रेनू भाटिया ने मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini को पत्र सौंपते हुए कहा कि वह चार वर्षों से अधिक समय तक आयोग की अध्यक्ष रहीं और आगे भी महिलाओं के अधिकारों के लिए काम करती रहेंगी।
हालांकि भाटिया ने स्पष्ट किया कि उनका इस्तीफा नर्सों के विरोध से जुड़ा नहीं है। उन्होंने कहा कि वह पारिवारिक कारणों से जापान और अमेरिका की यात्रा पर जा रही हैं तथा लगभग तीन महीने तक देश से बाहर रहेंगी। लंबे समय तक अनुपस्थित रहने के कारण उन्होंने पद छोड़ने का निर्णय लिया है।
रेनू भाटिया ने यह भी कहा कि वह अपनी टिप्पणियों के लिए माफी नहीं मांगेंगी क्योंकि उनके अनुसार उन्होंने कुछ भी गलत नहीं कहा था।
गौरतलब है कि कुरुक्षेत्र पुलिस के अनुसार 31 मई को दर्ज शिकायत में आरोप लगाया गया था कि 29 मई को एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती एक नाबालिग लड़की का एक डॉक्टर द्वारा यौन शोषण किया गया। शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया था। मामले की जांच जारी है।






