जालंधर, 31 मई 2026: पंजाब पुलिस ने आरटीआई कार्यकर्ता और वकील सिमरनजीत सिंह की हत्या के मामले में बड़ा खुलासा करते हुए उनके चचेरे भाई शरणजीत सिंह को मुख्य आरोपी बताया है। पुलिस के अनुसार, हत्या की वजह 5 लाख रुपये के लेन-देन को लेकर चल रहा विवाद था।
पुलिस जांच में सामने आया है कि सिमरनजीत सिंह और शरणजीत सिंह फगवाड़ा के निकट महेरू क्षेत्र में स्थित एक प्लॉट को देखने गए थे। उनके साथ पांच अन्य व्यक्ति भी मौजूद थे। प्लॉट का निरीक्षण करने के दौरान दोनों के बीच 5 लाख रुपये को लेकर बहस शुरू हो गई। पुलिस का दावा है कि यह राशि सिमरनजीत सिंह पर शरणजीत सिंह की बकाया थी।
बहस बढ़ने पर शरणजीत सिंह ने कथित तौर पर गुस्से में आकर सिमरनजीत सिंह को पीछे से बेहद नजदीक से गोली मार दी। गोली लगने से सिमरनजीत सिंह की मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार, घटना के समय शरणजीत सिंह के साथ पांच अन्य लोग भी मौजूद थे, लेकिन गोली केवल शरणजीत सिंह ने ही चलाई। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है और अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
गौरतलब है कि सिमरनजीत सिंह एक आरटीआई कार्यकर्ता और अधिवक्ता के रूप में जाने जाते थे। उनकी हत्या से इलाके में सनसनी फैल गई है।






