नई दिल्ली, 7 मई 2026 : प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पंजाब और चंडीगढ़ में गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए रियल एस्टेट कंपनियों, बिल्डरों और उनके सहयोगियों से जुड़े 12 ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) से कथित तौर पर फर्जी तरीके से भूमि उपयोग में परिवर्तन (CLU) लाइसेंस हासिल करने के मामले में की गई।
अधिकारियों के अनुसार, जांच का दायरा ABS Townships Pvt Ltd, Altus Builders, धीर कंस्ट्रक्शंस और सनटेक सिटी प्रोजेक्ट समेत कई रियल एस्टेट कंपनियों तक फैला हुआ है। ED इस मामले में कथित मनी लॉन्ड्रिंग, वित्तीय अनियमितताओं और निवेशकों से धोखाधड़ी के आरोपों की जांच कर रही है।
जांच एजेंसियों का आरोप है कि कुछ बिल्डरों और डेवलपर्स ने कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों और गलत तरीकों से CLU लाइसेंस हासिल किए और बाद में हाउसिंग व इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये जुटाए। आरोप है कि भारी रकम लेने के बावजूद कई डेवलपर्स ने GMADA को देय भुगतान नहीं किया, जिससे अथॉरिटी को बड़ा वित्तीय नुकसान हुआ।
सूत्रों के मुताबिक, ED की टीमें छापेमारी के दौरान मिले वित्तीय रिकॉर्ड, संपत्ति दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य और बैंक लेनदेन की जांच कर रही हैं। एजेंसी मोहाली क्षेत्र में रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स की मंजूरी प्रक्रिया में बिल्डरों, बिचौलियों और अधिकारियों के कथित गठजोड़ की भी पड़ताल कर रही है।
ED की जांच के दायरे में नितिन गोहल नामक व्यक्ति भी शामिल है, जिस पर आरोप है कि उसने कुछ बिल्डरों के लिए कथित तौर पर मध्यस्थ की भूमिका निभाई। जांच एजेंसियों का दावा है कि वह GMADA के बकायेदार बिल्डरों को राजनीतिक संरक्षण दिलाने में भी शामिल रहा।
फिलहाल ED यह पता लगाने में जुटी है कि अवैध मंजूरियों, फंड डायवर्जन और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन के जरिए किसी प्रकार की अपराध से अर्जित संपत्ति (Proceeds of Crime) तैयार की गई या नहीं। एजेंसी का कहना है कि छापेमारी से जुटाए गए साक्ष्यों का विश्लेषण कर पूरे मनी ट्रेल और संबंधित व्यक्तियों व कंपनियों की भूमिका की जांच की जाएगी।






