नई दिल्ली, 3 मई 2026 : असम और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजे 4 मई को घोषित होने जा रहे हैं, और इससे पहले सियासी माहौल बेहद गर्म है। ये चुनाव न सिर्फ क्षेत्रीय बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के लिए भी बेहद अहम माने जा रहे हैं।
असम: क्या बीजेपी बनाएगी हैट्रिक?
असम में इस बार सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी करेगा। चुनाव प्रचार के दौरान पहचान, प्रवासन (इमिग्रेशन) और विकास जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।
एग्जिट पोल्स के अनुसार, मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में भाजपा को बढ़त मिलती दिखाई दे रही है और पार्टी बहुमत के करीब या उससे ऊपर जा सकती है।
हालांकि, कांग्रेस गठबंधन ने भी जोरदार मुकाबला किया है, जिससे अंतिम परिणाम को लेकर कुछ हद तक अनिश्चितता बनी हुई है।
पश्चिम बंगाल: कांटे की टक्कर, परिणाम पर सस्पेंस
पश्चिम बंगाल में मुकाबला बेहद दिलचस्प और कड़ा माना जा रहा है। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भाजपा के बीच सीधी टक्कर देखने को मिल रही है। कुछ एग्जिट पोल भाजपा को बढ़त देते हैं, तो कुछ टीएमसी की वापसी की संभावना जताते हैं। कई सर्वेक्षणों में “हंग असेंबली” यानी त्रिशंकु विधानसभा की भी संभावना जताई गई है। राज्य में रिकॉर्ड मतदान (लगभग 93%) भी इस बार परिणाम को और अप्रत्याशित बना रहा है।
क्यों अहम हैं ये नतीजे?
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ये चुनाव भाजपा के विस्तार और पकड़ की परीक्षा माने जा रहे हैं
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कांग्रेस के पुनरुत्थान की संभावनाओं पर भी नजर
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क्षेत्रीय दलों के वर्चस्व को चुनौती






