तेहरान/वॉशिंगटन, 18 अप्रैल 2026: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के बीच जुबानी टकराव और गहरा हो गया है। ट्रंप द्वारा ईरान के परमाणु कार्यक्रम और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर किए गए दावों को तेहरान ने पूरी तरह नकार दिया है।
ईरानी संसद के स्पीकर मुहम्मद बाघेर गालिबाफ ने ट्रंप के बयानों को ‘झूठा’ बताते हुए कहा कि ऐसे बेबुनियाद दावों से अमेरिका को कोई फायदा नहीं होगा। उन्होंने साफ किया कि जब तक ईरान की शर्तें पूरी नहीं होतीं, तब तक किसी भी तरह की वार्ता संभव नहीं है।
विवाद का मुख्य कारण ट्रंप का यह दावा है कि ईरान 440 किलोग्राम समृद्ध यूरेनियम अमेरिका को सौंपने के लिए तैयार हो गया है। ईरान ने इसे पूरी तरह मनगढ़ंत बताया और कहा कि इस मुद्दे पर अमेरिका के साथ कोई समझौता नहीं हुआ है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान उनकी शर्तें नहीं मानता, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
इसी बीच, हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने अपनी नौसैनिक नाकाबंदी जारी रखी, तो वह इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को बंद कर सकता है। हालांकि, ईरान ने यह भी कहा कि मार्ग केवल उसकी निगरानी में ही खुल सकता है।
ट्रंप ने दोहराया है कि वह ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे, जबकि ईरान अपने रुख पर अडिग है। दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के चलते मध्य पूर्व में शांति की संभावनाएं फिलहाल धुंधली नजर आ रही हैं।






