मुंबई, 30 मार्च 2026 : मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली विश्व प्रसिद्ध ‘डब्बावाला’ सेवा आज से अगले छह दिनों (4 अप्रैल तक) के लिए अस्थायी रूप से स्थगित कर दी गई है। मुंबई डब्बावाला एसोसिएशन के अध्यक्ष सुभाष तालेकर ने स्पष्ट किया कि यह कोई हड़ताल नहीं, बल्कि डब्बावालों का पूर्व-निर्धारित वार्षिक अवकाश है। इस फैसले के चलते शहर के लाखों दफ्तर जाने वाले लोगों को दोपहर के भोजन के लिए अपनी वैकल्पिक व्यवस्था खुद करनी होगी।
यह 135 साल पुराना नेटवर्क अपनी परंपराओं से गहराई से जुड़ा हुआ है। एसोसिएशन के अनुसार, डब्बावाला सेवा से जुड़े हजारों कर्मचारी पुणे, रायगढ़ और नासिक जिलों के अपने पैतृक गांवों (जैसे मावल, मुलशी, अंबेगांव, जुन्नार और अकोले) की ओर लौट रहे हैं। यह समय ‘चैत्र पूर्णिमा’ के साथ मेल खाता है, जब इन क्षेत्रों के गांवों में वार्षिक मेले और कुलदेवताओं की यात्राएं आयोजित की जाती हैं। रामदेवरा मंदिर जैसे धार्मिक स्थलों की यात्रा और पारिवारिक उत्सवों में शामिल होने के लिए डब्बावाले हर साल यह छोटा ब्रेक लेते हैं।
इस सेवा के बंद होने से उन लाखों कर्मचारियों पर सीधा असर पड़ेगा जो घर के बने पौष्टिक भोजन के लिए पूरी तरह डब्बावालों की सटीकता और कुशलता पर निर्भर रहते हैं। एसोसिएशन ने ग्राहकों को सलाह दी है कि वे किसी भी असुविधा से बचने के लिए अगले छह दिनों तक या तो घर से खाना साथ लाएं या बाहर से ऑर्डर करने जैसे अन्य प्रबंध कर लें। डब्बावालों की विश्व स्तरीय कार्यप्रणाली को देखते हुए, यह साल के उन गिने-चुने मौकों में से एक है जब यह विशाल नेटवर्क थमता है।
डब्बावाला एसोसिएशन ने अपने ग्राहकों से एक विशेष और भावनात्मक अपील भी की है। उन्होंने अनुरोध किया है कि डब्बावाले साल भर बिना रुके और बिना किसी गलती के अपनी सेवाएं प्रदान करते हैं, इसलिए इस संक्षिप्त अवकाश के लिए उनकी तनख्वाह में किसी भी प्रकार की कटौती न की जाए। संगठन ने उम्मीद जताई है कि मुंबईवासी उनकी परंपराओं का सम्मान करेंगे और इस छोटे से अंतराल के दौरान अपना पूर्ण सहयोग देंगे। 4 अप्रैल के बाद यह सेवा फिर से अपनी पूरी क्षमता के साथ बहाल हो जाएगी।