चंडीगढ़, 24 मार्च 2026: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कई बड़े ऐलान किए। उन्होंने कहा कि पंजाब को पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर का टूर्नामेंट मिला है और राज्य एशियाई हॉकी चैंपियनशिप की मेजबानी करेगा। इस टूर्नामेंट में एशिया की शीर्ष छह टीमें हिस्सा लेंगी। पहला मैच 26-27 अक्टूबर को खेला जाएगा और मुकाबले मोहाली व जालंधर में आयोजित होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब का खेलों में गौरवशाली इतिहास रहा है और राज्य ने देश को कई बड़े खिलाड़ी दिए हैं। खासकर हॉकी में 50 से अधिक खिलाड़ियों ने ओलंपिक पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में पंजाब में नई खेल नीति लागू की गई, जिसके तहत खेल बजट को 350 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1791 करोड़ रुपये कर दिया गया। राज्य में कोचों की संख्या 500 से बढ़ाकर 2,458 कर दी गई है। साथ ही 324 नए कोचों की भर्ती और 48 खिलाड़ियों को कोच नियुक्त किया गया है।
सरकार ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए ओलंपिक की तैयारी हेतु 15 लाख रुपये और एशियाई खेलों के लिए 8 लाख रुपये की सहायता दी है। स्वर्ण पदक विजेताओं को 1 करोड़ रुपये तक का इनाम दिया गया है और पिछले चार वर्षों में लगभग 100 करोड़ रुपये के पुरस्कार वितरित किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 3,100 खेल मैदानों के निर्माण का कार्य चल रहा है, जिनमें से 2,700 पर काम जारी है और यह जून 2026 तक पूरा हो जाएगा। इसके अलावा 3,000 स्थानों पर जिम स्थापित किए गए हैं और 17,000 खेल किट वितरित की गई हैं। मोहाली, बठिंडा और लुधियाना में टर्फ अपग्रेड किया गया है तथा मोहाली में सिंथेटिक ट्रैक भी बनाया गया है।
खिलाड़ियों के लिए खुराक भत्ता 240 रुपये से बढ़ाकर 480 रुपये किया गया है और 1,046 खिलाड़ियों को सीधे फंड ट्रांसफर किए गए हैं। ‘खेडां वतन पंजाब दीआं’ कार्यक्रम के तहत हर साल 10,000 खिलाड़ियों को 10 करोड़ रुपये के पुरस्कार दिए जा रहे हैं, जिसमें पैरा-स्पोर्ट्स भी शामिल हैं।
महिला क्रिकेट विश्व कप विजेता खिलाड़ियों हरमनप्रीत कौर, हरलीन और अमनजोत कौर को 1.50-1.50 करोड़ रुपये की राशि दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरलीन भले ही हिमाचल प्रदेश के लिए खेलती हैं, लेकिन उनका संबंध पंजाब से है और उन्हें पंजाब लाने की कोशिश की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन पहलों से पंजाब को खेलों के क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी और युवाओं को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिलेंगे।






