डिप्टी कमिश्नर द्वारा गेहूं की खरीद संबंधी अग्रिम प्रबंधों की समीक्षा
1 अप्रैल से शुरू होगी गेहूं की सरकारी खरीद, इस बार 9.13 लाख मीट्रिक टन गेहूं मंडियों में आने की संभावना
पटियाला, 24 मार्च, 2026 : गेहूं की सरकारी खरीद 1 अप्रैल से शुरू की जा रही है, जिसके लिए गेहूं के भंडारण हेतु बारदाना, ढुलाई के लिए परिवहन साधनों सहित श्रम और जिले की मंडियों में किए जाने वाले अन्य प्रबंधों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आज यहां जिला प्रशासनिक परिसर में उपायुक्त वरजीत वालिया की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
सभी एसडीएम, खरीद एजेंसियों, आढ़तियों, परिवहन और श्रम ठेकेदारों के साथ बैठक करते हुए वरजीत वालिया ने कहा कि मौजूदा रबी सीजन के दौरान गेहूं की खरीद के लिए जिला प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक प्रबंध पूरे कर लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि सभी व्यवस्थाओं की अग्रिम तैयारी कर ली गई है और किसानों की फसल का दाना-दाना समय पर खरीदा जाएगा तथा उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि कृषि पंजाब की रीढ़ है और फसल खरीद की बड़ी जिम्मेदारी हमारे कंधों पर है, जिसे बिना किसी बाधा के पूरा करते हुए पूरा जिला प्रशासन पूरी जिम्मेदारी के साथ इस प्रक्रिया को सफल बनाएगा तथा मंडियों में गेहूं की खरीद का कार्य सुचारू रूप से चलाया जाएगा।
डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि खरीद एजेंसियों को जिले की 108 मंडियां आवंटित की गई हैं और 89 अस्थायी खरीद केंद्र भी बनाए जाएंगे। पिछले सीजन के दौरान खरीद एजेंसियों ने 9.21 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की थी, जबकि इस बार 9 लाख 13 हजार 516 मीट्रिक टन गेहूं मंडियों में आने की संभावना है। उन्होंने बताया कि मंडियों में साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय, मूत्रालय, रोशनी, सुरक्षा आदि के उचित प्रबंध किए जा रहे हैं।
वरजीत वालिया ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों, जिला मंडी अधिकारी, मार्केट कमेटियों के सचिवों, परिवहन विभाग के अधिकारियों तथा खरीद एजेंसियों के जिला प्रमुखों को निर्देश दिए कि प्रबंधों में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं होनी चाहिए, क्योंकि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान स्वयं गेहूं खरीद व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने एसडीएम को निर्देश दिया कि वे स्वयं मंडियों का दौरा करें और प्रबंधों की समीक्षा करें।
डिप्टी कमिश्नर ने आगे कहा कि इसके अलावा तौल के लिए कांटे और नमी जांचने वाले मीटर भी सही स्थिति में होने चाहिए तथा तिरपाल और क्रेट्स की भी उचित व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि खरीद एजेंसियों का स्टाफ और अन्य संबंधित अधिकारी खरीद सीजन के दौरान अपने-अपने स्थान पर उपस्थित रहना सुनिश्चित करें। डिप्टी कमिश्नर ने किसानों से भी अपील की कि वे अपनी फसल को सुखाकर और साफ-सुथरी अवस्था में ही मंडियों में लेकर आएं, ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक डॉ. रविंदर कौर ने डिप्टी कमिश्नर को बताया कि सभी मंडियों में श्रम, कार्टेज और ढुलाई के प्रबंध अंतिम चरण में हैं तथा खरीद एजेंसियों द्वारा आवश्यक बारदाने की व्यवस्था भी कर ली गई है।
बैठक के दौरान एसडीएम राजपुरा नमन मार्कन, एसडीएम समाना रिचा गोयल, एसडीएम पातड़ा काला राम कांसल, एसडीएम नाभा ए.पी.एस. सोमल, खरीद एजेंसियों के जिला प्रबंधक, आढ़ती एसोसिएशन के जिला प्रधान देविंदर सिंह बैदवान, महासचिव दीपक डकाला, पटियाला मंडी के प्रधान सतविंदर सिंह सैनी सहित अन्य मंडियों के प्रधान तथा परिवहन और श्रम ठेकेदार भी उपस्थित थे।






