3,197 करोड़ रुपये आरबीआई को ट्रांसफर
चंडीगढ़ 01 जनवरी 2026 : पंजाब में करीब 83.32 लाख बैंक खाताधारक तय समय के भीतर अपनी जमा राशि का दावा नहीं कर पाए या अपने खातों को सक्रिय नहीं रख सके, जिसके चलते वे लगभग 3,197 करोड़ रुपये की राशि तक अपनी पहुंच खो बैठे हैं। नियमों के अनुसार, 10 साल तक निष्क्रिय या लावारिस पड़े इन खातों की राशि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को ट्रांसफर कर दी गई है।
यह खुलासा पंजाब नेशनल बैंक के उप महाप्रबंधक और राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी), पंजाब के सदस्य रामकिशोर मीना ने किया। उन्होंने बताया कि आरबीआई के दिशा-निर्देशों के तहत यदि कोई बैंक खाता लंबे समय तक निष्क्रिय रहता है और निर्धारित अवधि तक जमा राशि का दावा नहीं किया जाता, तो खाता बंद कर दिया जाता है। 10 वर्ष पूरे होने के बाद ऐसी राशि को आरबीआई द्वारा संचालित “जमाकर्ता शिक्षा एवं जागरूकता कोष” में स्थानांतरित कर दिया जाता है।
मीना ने बताया कि केंद्र सरकार और वित्त मंत्रालय ने जमाकर्ताओं या उनके नामित व्यक्तियों (नॉमिनी) को ऐसी लावारिस राशि वापस दिलाने में मदद के लिए 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर तक तीन महीने की विशेष जागरूकता मुहिम “आपका पैसा–आपका अधिकार” चलाई थी।
आंकड़ों के अनुसार, लावारिस खातों और जमा राशि के मामले में जालंधर जिला सबसे ऊपर है, जहां 10.20 लाख से अधिक खातों में करीब 593.11 करोड़ रुपये जमा हैं। इसके बाद लुधियाना में 10.56 लाख खातों में 485.60 करोड़ रुपये, अमृतसर में 7.53 लाख खातों में 280.30 करोड़ रुपये और होशियारपुर में 5.33 लाख खातों में 236.99 करोड़ रुपये की राशि लावारिस पाई गई।
पूरे राज्य में कुल 83,32,041 निष्क्रिय खातों में 3,197.81 करोड़ रुपये की जमा राशि आरबीआई को ट्रांसफर की जा चुकी है। बैंक अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि वे अपने पुराने या लंबे समय से निष्क्रिय खातों की जांच करें और समय रहते अपनी जमा राशि का दावा करें, ताकि उनका पैसा सुरक्षित रह सके।






