Friday, June 19, 2026
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पीएयू-केवीके संगरूर ने खरीफ मक्का उत्पादन एवं कृषि मशीनरी पर कृषि कर्मचारियों को दिया प्रशिक्षण

 

संगरूर, 19 जून 2026 : पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) के कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), संगरूर द्वारा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के विस्तार कर्मियों के लिए खरीफ मक्का की उन्नत उत्पादन तकनीकें और खरीफ फसलों हेतु कृषि मशीनरी विषय पर एक विशेष सेवाकालीन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

पीएयू-केवीके संगरूर के प्रभारी डॉ. मनदीप सिंह ने बताया कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कृषि विभाग के 36 विस्तार कर्मियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों के तकनीकी ज्ञान को अद्यतन करना तथा किसानों तक उन्नत कृषि तकनीकों के प्रभावी प्रसार के लिए उनकी क्षमता को मजबूत बनाना था। कार्यक्रम में मुख्य कृषि अधिकारी (सीएओ) संगरूर डॉ. धर्मिंदरजीत सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

अपने उद्घाटन संबोधन में डॉ. धर्मिंदरजीत सिंह ने कृषि एवं किसान कल्याण विभाग तथा केवीके संगरूर के बीच मजबूत सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि दोनों संस्थाएं डायरेक्ट सीडेड राइस (डीएसआर) और खरीफ मक्का की खेती जैसी टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए मिलकर कार्य कर रही हैं। उन्होंने धान-गेहूं फसल चक्र में फसल विविधीकरण के महत्व पर प्रकाश डाला तथा किसानों को वैकल्पिक फसलों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने वाली विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एथेनॉल उद्योग में बढ़ते उपयोग के कारण मक्का की मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे किसानों के लिए आय बढ़ाने के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।

तकनीकी सत्रों के दौरान सहायक प्रोफेसर (एग्रोनॉमी) डॉ. रुकिंदर प्रीत सिंह ढालीवाल ने खरीफ मक्का की उन्नत उत्पादन तकनीकों पर विस्तृत व्याख्यान दिया। उन्होंने पोषक तत्व प्रबंधन, विशेषकर सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी की पहचान और उसके सुधार संबंधी उपायों की जानकारी दी। साथ ही मक्का में अधिक उत्पादन प्राप्त करने के लिए प्रभावी खरपतवार प्रबंधन रणनीतियों पर भी चर्चा की। प्रतिभागियों द्वारा डायरेक्ट सीडेड राइस में खरपतवार नियंत्रण संबंधी पूछे गए प्रश्नों का भी विस्तार से समाधान किया गया।

सहायक प्रोफेसर (फार्म मशीनरी एवं पावर इंजीनियरिंग) डॉ. सुनील कुमार ने डायरेक्ट सीडेड राइस के लिए खेत की तैयारी की तकनीकों की जानकारी दी तथा खेत में उपयोग से पहले लकी सीड ड्रिल की आवश्यक सेटिंग्स के बारे में बताया। उन्होंने धान की यांत्रिक रोपाई के लिए मैट-टाइप नर्सरी तैयार करने की विधि भी समझाई। इसके अलावा, श्रम लागत कम करने और रोपाई की दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से विकसित ट्रैक्टर चालित मैट-टाइप नर्सरी सीडर तथा रिमोट नियंत्रित मैकेनिकल पैडी ट्रांसप्लांटर के कार्य सिद्धांत और लाभों का प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिभागियों को केवीके फार्म का भ्रमण भी करवाया गया, जहां उन्होंने यांत्रिक धान रोपाई के लिए मैट-टाइप नर्सरी उत्पादन तथा खरीफ मक्का बीज उत्पादन प्लॉटों का अवलोकन किया।

इस दौरान खरीफ मक्का में पोषक तत्व प्रबंधन और खरपतवार नियंत्रण संबंधी किसानों की विभिन्न जिज्ञासाओं का भी विशेषज्ञों द्वारा समाधान किया गया।

 

 

 

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