पीजीआई–पंजाब यूनिवर्सिटी के बीच बनेगा 8.4 करोड़ रुपये का पैदल अंडरपास, मरीजों और छात्रों को मिलेगी बड़ी राहत
चंडीगढ़, 19 जून 2026 : पीजीआई और पंजाब यूनिवर्सिटी के बीच व्यस्त सड़क पार करने वाले हजारों मरीजों, तीमारदारों, डॉक्टरों और विद्यार्थियों को जल्द ही बड़ी राहत मिलने वाली है। यूटी प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग ने लंबे समय से प्रस्तावित पैदल यात्री अंडरपास परियोजना के लिए दोबारा टेंडर जारी कर दिया है। करीब 8.4 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट को छह महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
यह दूसरी बार है जब प्रशासन ने इस परियोजना के लिए टेंडर जारी किया है। अंडरपास के निर्माण से सड़क पार करते समय होने वाले हादसों की आशंका कम होगी और लोगों को सुरक्षित आवागमन का विकल्प मिलेगा।
परियोजना के तहत बनने वाला अंडरपास लगभग 14 मीटर चौड़ा और 32 मीटर लंबा होगा। आकार के लिहाज से यह सेक्टर-17 स्थित रोज गार्डन अंडरपास से भी बड़ा होगा। प्रशासन का मानना है कि इससे एक समय में बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही सुगम हो सकेगी।
संशोधित डिजाइन के अनुसार अंडरपास के भीतर 12 व्यावसायिक बूथ बनाए जाएंगे। पहले इनकी संख्या 20 प्रस्तावित थी। इन बूथों में फोटोकॉपी सहित अन्य आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे पीजीआई आने वाले मरीजों और पंजाब यूनिवर्सिटी के छात्रों को सुविधा मिलेगी। साथ ही प्रशासन को अतिरिक्त राजस्व भी प्राप्त होगा।
अंडरपास को आकर्षक और सुरक्षित बनाने के लिए इसमें ग्रेनाइट फ्लोरिंग की जाएगी तथा पूरे परिसर को एलईडी लाइटों से रोशन किया जाएगा, ताकि रात के समय भी लोगों को सुरक्षित और सुविधाजनक आवागमन मिल सके।
स्थान की कमी के कारण अंडरपास में एस्केलेटर लगाने का प्रस्ताव रद्द कर दिया गया है। इसके स्थान पर बुजुर्गों, मरीजों और दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए लिफ्ट और रैंप बनाए जाएंगे, जिससे व्हीलचेयर उपयोगकर्ताओं को भी किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।






