एंबुलेंस की मदद करने पर इंस्पेक्टर विशाल वर्मा की चारों तरफ सराहना
पटियाला, 19 जून,2026 : शहर में अवैध कब्जों और ट्रैफिक की गंभीर समस्या को हल करने के लिए माननीय मेयर कुंदन गोगिया की अगुवाई में नगर निगम द्वारा अभियान को और तेज कर दिया गया है। इसी कड़ी के तहत निगम इंस्पेक्टर विशाल वर्मा ने लोगों से मिली शिकायतों के आधार पर एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया।
बताया जा रहा है कि माता कौशल्या सरकारी अस्पताल के बाहर लंबे समय से अवैध कब्जों के कारण मरीजों, एंबुलेंसों और आम लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। शिकायतों का गंभीर संज्ञान लेते हुए मेयर के दिशा-निर्देशों और सुपरिटेंडेंट दर्पण कुमार के सहयोग से इंस्पेक्टर विशाल वर्मा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और अवैध कब्जों को सख्ती से हटाया। निगम की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद अस्पताल के बाहर का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है, जिससे अब मरीजों और राहगीरों को बड़ी राहत मिलेगी।
इस कार्रवाई के दौरान इंस्पेक्टर विशाल वर्मा का एक बेहद सराहनीय रूप भी देखने को मिला। कब्जे हटाने के अभियान के दौरान वहां से गुजर रही एक मरीज से भरी एंबुलेंस जाम में फंस गई थी। इंस्पेक्टर वर्मा ने बिना समय गंवाए खुद आगे बढ़कर ट्रैफिक को किनारे करवाया और एंबुलेंस को सुरक्षित रास्ता दिलाकर रवाना किया। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद लोग उनकी ड्यूटी के प्रति निष्ठा और इंसानियत की भावना की जमकर प्रशंसा कर रहे हैं।
विशाल वर्मा ने बातचीत के दौरान कहा, “माननीय मेयर साहब की अगुवाई में हमारा मुख्य उद्देश्य शहरवासियों को अवैध कब्जों और जाम से मुक्ति दिलाना है। अस्पतालों के बाहर लगने वाले जाम के कारण कई बार कीमती जानें खतरे में पड़ जाती हैं। आज कार्रवाई के दौरान जब मैंने एंबुलेंस को फंसा देखा, तो मेरा पहला कर्तव्य एक इंसान और अधिकारी के रूप में मरीज की जान बचाना था। सोशल मीडिया पर मिल रहे प्यार और सम्मान के लिए मैं सभी लोगों का धन्यवाद करता हूं।”
वर्मा ने कहा कि “शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को बिगाड़ने वालों और अस्पतालों जैसी संवेदनशील जगहों के बाहर अवैध कब्जे करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। यदि किसी ने दोबारा कब्जा करने की कोशिश की तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आने वाले दिनों में भी यह अभियान इसी तरह जारी रहेगा।”
फोटो – कार्रवाई के दौरान विशाल वर्मा






