धर्म और सरहदें नहीं तोड़ सकीं दोस्ती, लाहौर कॉलेज देगा हरचरण बराड़ को सम्मान
लाहौर (पाकिस्तान), 7 जून 2026: भारत-पाकिस्तान संबंधों के बीच मानवीय रिश्तों और दोस्ती की एक अनूठी मिसाल पेश करते हुए पाकिस्तान के प्रतिष्ठित एचिसन कॉलेज ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री हरचरण सिंह बराड़ के नाम पर एक कक्षा कक्ष (क्लासरूम) का नामकरण करने का फैसला किया है।यह पहल पाकिस्तान के प्रसिद्ध उद्योगपति और समाजसेवी सैयद बाबर अली ने की है,जो हरचरण सिंह बराड़ के बचपन के घनिष्ठ मित्र रहे हैं। इस घोषणा ने भारत और पाकिस्तान दोनों देशों में लोगों का ध्यान आकर्षित किया है और विभाजन से पहले शुरू हुई दशकों पुरानी दोस्ती को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।
परिवार के सदस्यों के अनुसार, इस कक्षा कक्ष का औपचारिक समर्पण बाबर अली के 100वें जन्मदिवस समारोह के दौरान किया जाएगा। उनका जन्मशताब्दी दिवस 30 जून को है, लेकिन मुहर्रम के मद्देनज़र मुख्य समारोह 10 जून को आयोजित किया जा रहा है।
हरचरण सिंह बराड़ के पोते तेगबीर सिंह बराड़ ने कहा कि यह सम्मान दोनों मित्रों के बीच गहरे और आत्मीय संबंधों का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि उनकी दोस्ती सामान्य मित्रता नहीं, बल्कि भाइयों जैसे रिश्ते की मिसाल थी। बराड़ की पुत्री बबली बराड़ भी इस समारोह में शामिल होने के लिए पाकिस्तान पहुंची हैं।
हाल ही में दिए एक साक्षात्कार में बाबर अली ने अपने स्कूल के दिनों को याद करते हुए कहा, “वह गुरुद्वारे जाते थे और मैं मस्जिद जाता था, लेकिन धर्म और सीमाएं कभी हमारी दोस्ती के बीच नहीं आईं।”
हरचरण सिंह बराड़ अगस्त 1995 से नवंबर 1996 तक पंजाब के मुख्यमंत्री रहे। श्री मुक्तसर साहिब जिले के सरायनागा गांव के निवासी बराड़ ने वर्ष 1936 से 1943 तक ऐचिसन कॉलेज में शिक्षा प्राप्त की थी, जहां उनकी मित्रता बाबर अली के साथ शुरू हुई। वर्ष 2009 में उनका निधन हो गया था।
लाहौर स्थित इस प्रतिष्ठित संस्थान द्वारा लिया गया यह निर्णय न केवल हरचरण सिंह बराड़ की विरासत को सम्मान देने वाला है, बल्कि उस अद्भुत दोस्ती को भी श्रद्धांजलि है, जिसने विभाजन, राजनीतिक उथल-पुथल और भारत-पाकिस्तान संबंधों के उतार-चढ़ाव के बावजूद अपनी मजबूती बनाए रखी। यह कक्षा कक्ष साझा इतिहास और लोगों के बीच बने रिश्तों का प्रतीक बनकर आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा।






