डॉक्टर की सूझबूझ और सीपीआर से बची जान
जालंधर 03 जून 2026 : जालंधर के हंसराज स्टेडियम से एक राहत भरी खबर सामने आई है, जहां बैडमिंटन खेलते समय अचानक दिल का दौरा पड़ने से एक खिलाड़ी बेहोश हो गया, लेकिन मौके पर मौजूद मेडिकल टीम की तत्परता के कारण उसकी जान बच गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मैच के दौरान शॉट खेलते समय अचानक खिलाड़ी दीपक पुजारा की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें छाती में तेज दर्द महसूस हुआ और वे देखते ही देखते कोर्ट पर ही बेसुध होकर गिर पड़े। मैदान पर मौजूद डॉक्टरों और सपोर्टिंग स्टाफ ने स्थिति की गंभीरता और हार्ट अटैक के लक्षणों को तुरंत पहचान लिया और बिना समय गंवाए राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया।
घटना का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें मेडिकल टीम स्टेडियम के अंदर ही खिलाड़ी का आपातकालीन इलाज करती हुई दिखाई दे रही है। डॉक्टरों ने दीपक की हालत बिगड़ती देख तुरंत उन्हें सीपीआर (Cardiopulmonary Resuscitation) देना शुरू किया और इसके साथ ही कार्डियोजेनिक शॉक (Defibrillator के जरिए बिजली का झटका) दिया गया। डॉक्टरों और खेल स्टाफ की इस त्वरित और सटीक कार्रवाई के कारण खिलाड़ी की दिल की धड़कनें वापस आ गईं और एक बड़ा हादसा होने से टल गया। प्राथमिक उपचार देने के बाद दीपक पुजारा को तुरंत इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है।
सीपीआर (CPR) के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी
ऐसी आपातकालीन स्थितियों में सीपीआर (CPR) जीवनरक्षक साबित होता है। अगर किसी व्यक्ति की धड़कन रुक जाए या वह बेहोश हो जाए, तो एम्बुलेंस आने तक छाती को तेजी से दबाना (Chest Compressions) और कृत्रिम सांस देना बेहद जरूरी होता है, ताकि मस्तिष्क और अन्य अंगों तक ऑक्सीजन पहुंचती रहे।
यदि आपको खेलकूद या व्यायाम के दौरान कभी भी छाती में भारीपन, दर्द या सांस लेने में तकलीफ महसूस हो, तो तुरंत खेल रोककर आराम करें और नजदीकी डॉक्टर से सलाह लें।