बठिंडा, 23 नवंबर 2025:
बठिंडा ज़िले के गांव जीदा में दो महीने पहले हुए धमाके की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने तेज कर दी है। यह मामला उस समय हाई-प्रोफाइल बन गया जब दिल्ली के लाल किले के पास कार विस्फोट और फरीदाबाद में 360 किलो विस्फोटक बरामदगी के बाद इसकी जांच NIA को सौंप दी गई। सूत्रों के अनुसार, दोनों मामलों में कई समानताएँ सामने आई हैं, जिसके बाद एजेंसी इसे एक बड़े आतंकी नेटवर्क से जोड़कर देख रही है।
NIA अब यह जांच रही है कि गिरफ्तार आरोपी गुरप्रीत सिंह (19), निवासी गांव जीदा, का जम्मू-कश्मीर में पकड़े गए आतंकियों से कोई संपर्क था या नहीं। गुरप्रीत इस समय बठिंडा की केंद्रीय जेल में बंद है।
गांवों में NIA की लगातार छापेमारी
जांच का दायरा बढ़ाते हुए NIA की टीम ने शुक्रवार को जीदा गाँव में गुरप्रीत के घर की तलाशी ली और परिवार से पूछताछ कर कुछ सामान जब्त किया। शनिवार को एजेंसी ने श्री मुक्तसर साहिब के गांव हराज में पंचायत सदस्य रणवीर सिंह उर्फ इंदरजीत सिंह के घर छापा मारा। रणवीर सिंह, आरोपी गुरप्रीत का मामा है।
पुलिस जांच में सामने आया था कि धमाके से तीन महीने पहले गुरप्रीत के लिए खरीदे गए मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन उसी मामा ने दिलाए थे, हालांकि उन्होंने इससे इनकार किया। छापेमारी में NIA को कोई ठोस सबूत नहीं मिला है।
दिल्ली लाल किला धमाके से मिलती-जुलती कड़ियाँ
एजेंसी के अनुसार, जीदा धमाके और दिल्ली के लाल किला विस्फोट में कई चौंकाने वाली समानताएँ मिली हैं। दिल्ली में आतंकी डॉ. उमर ने विस्फोटकों के साथ कार उड़ाकर आत्मघाती हमला किया था। इसी तरह, गुरप्रीत ने भी कथित तौर पर श्रीनगर के कठुआ में सेना शिविर पर आत्मघाती हमला करने की योजना बनाई थी।
दोनों मामलों में:
* हमलावरों का पाकिस्तान स्थित हैंडलरों द्वारा ब्रेनवॉश किया जाना
* घटना से 6 महीने पहले घर या ड्यूटी से गायब रहना
* विस्फोटक सामग्री की घर में मौजूदगी
* सैंपल परीक्षण दौरान गर्मी से विस्फोट होना
जैसी समानताएँ सामने आई हैं।
गुरप्रीत के पास से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री के सबूत
गुरप्रीत ने ऑनलाइन माध्यम से पाँच तरह के रसायन —
पिकरिक एसिड, अमोनियम नाइट्रेट, अमोनियम सल्फेट, लेड नाइट्रेट और फॉस्फोरस पेंटाऑक्साइड —
खरीदे थे, जिनसे वह विस्फोटक तैयार कर रहा था। जांच के अनुसार, इसी प्रक्रिया के दौरान 10 सितंबर 2025 को उसके घर में जोरदार धमाका हुआ था।
पाकिस्तानी आतंकियों से प्रभावित
जांच में यह भी सामने आया है कि गुरप्रीत पाकिस्तानी आतंकी मौलाना मसूद अजहर से सोशल मीडिया के जरिए प्रभावित हुआ था। उसके मोबाइल फोन से मसूद अजहर के संपर्क नंबर सहित कई पाकिस्तानी आतंकियों के नंबर और धमाका तैयार करने वाले वीडियो मिले हैं।
NIA अब पूरे मामले को एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा मानकर जांच आगे बढ़ा रही है।






