EVM छेड़छाड़ के आरोपों के बाद चुनाव आयोग का बड़ा फैसला
कोलकाता, 2 मई 2026: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में 15 मतदान केंद्रों पर शनिवार को पुनर्मतदान जारी है। यह निर्णय भारत के चुनाव आयोग(ECI) ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) से कथित छेड़छाड़ की शिकायतों के बाद लिया है। ये शिकायतें 29 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के दौरान सामने आई थीं।चुनाव आयोग के अनुसार,मगराहट पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के 11 बूथों और डायमंड हार्बर विधानसभा क्षेत्र के 4 बूथों पर दोबारा मतदान कराया जा रहा है। आयोग ने पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भेजे पत्र में स्पष्ट किया कि पुनर्मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक कराया जाएगा।राजनीतिक दलों के बीच इस मुद्दे को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने चुनाव आयोग के फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि इन दोनों विधानसभा क्षेत्रों के और भी बूथों पर पुनर्मतदान कराया जाना चाहिए। वहीं All India Trinamool Congress (टीएमसी) ने इन घटनाओं के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया है और इसे राज्य को बदनाम करने की साजिश बताया है।
भाजपा के पश्चिम बंगाल सह-प्रभारी अमित मालवीय ने आरोप लगाया था कि डायमंड हार्बर क्षेत्र के फलता इलाके में कई मतदान केंद्रों पर मतदाताओं को पार्टी उम्मीदवार के पक्ष में वोट डालने से रोका गया।इस बीच, मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दावा किया कि कुछ जगहों पर EVM के ‘कमल’ बटन पर काली टेप लगाई गई थी। उन्होंने कहा कि इस बार केंद्रीय बलों और चुनाव आयोग की सख्ती के कारण मतदान निष्पक्ष रहा और लोगों ने निर्भय होकर वोट डाला।
मतदान के दिन पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा था कि यदि किसी भी EVM बटन पर टेप लगाए जाने की शिकायत सही पाई जाती है, तो उस बूथ पर पुनर्मतदान कराया जाएगा।
वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लेकर राष्ट्रीय लोक दल के नेता मालूक नागर ने कहा कि वे हार के डर से इस तरह के बयान दे रही हैं और उनके हालिया कदमों से हार स्वीकार करने के संकेत मिलते हैं।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण का मतदान 29 अप्रैल को शाम 6 बजे संपन्न हुआ था, जिसमें 90 प्रतिशत तक मतदान दर्ज किया गया। मतगणना 4 मई को होगी और इसके लिए हावड़ा में स्ट्रॉन्ग रूम्स पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।






