Saturday, June 6, 2026
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नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम: पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल

फतेहाबाद, 13 अप्रैल 2026, (संजीव शर्मा) : भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एवं सिरसा लोकसभा क्षेत्र की पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल ने रविवार को भाजपा जिला कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष प्रवीण जोड़ा ने की। इस अवसर पर जिला मीडिया प्रभारी कंवल चौधरी तथा मार्केट कमेटी फतेहाबाद के वाइस चेयरमैन इन्द्र गावड़ी भी उपस्थित रहे। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए सुनीता दुग्गल ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 देश में महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

यह संवैधानिक संशोधन लोकसभा, राज्य विधानसभाओं एवं दिल्ली विधानसभा में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटों का आरक्षण सुनिश्चित करता है। उन्होंने कहा कि यह केवल महिलाओं के अधिकारों तक सीमित नहीं, बल्कि एक सशक्त और समावेशी समाज निर्माण का आधार है। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं नेतृत्व करती हैं तो समाज के सभी वर्गों को लाभ मिलता है। वैश्विक शोध भी यह साबित करते हैं कि महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी बढऩे से अर्थव्यवस्था तेज गति से आगे बढ़ती है, आय में समानता आती है तथा समावेशी विकास को बल मिलता है। यदि लैंगिक अंतर को कम किया जाए तो वैश्विक अर्थव्यवस्था में बड़ा इजाफा संभव है। पूर्व सांसद ने बताया कि पिछले एक दशक में नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के उत्थान के लिए कई प्रभावी कदम उठाए गए हैं।

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बड़ी संख्या में घर महिलाओं के नाम किए गए हैं, मुद्रा योजना के अधिकांश ऋण महिलाओं को दिए गए हैं तथा स्टैंड-अप इंडिया योजना में भी महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रही है। उन्होंने कहा कि उज्ज्वला योजना, जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन जैसी योजनाओं ने महिलाओं के जीवन स्तर में व्यापक सुधार किया है।

वहीं मातृ मृत्यु दर में कमी, महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र तथा 26 सप्ताह के मातृत्व अवकाश जैसे निर्णय महिलाओं के स्वास्थ्य और आर्थिक सशक्तिकरण को मजबूत कर रहे हैं। राजनीतिक भागीदारी पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि आज महिलाएं मतदान में बढ़-चढकऱ हिस्सा ले रही हैं और कई स्थानों पर उनकी भागीदारी पुरुषों से अधिक है। पंचायतों में लगभग 46 प्रतिशत महिला प्रतिनिधित्व इसका प्रमाण है कि अवसर मिलने पर महिलाएं बेहतर शासन प्रदान करती हैं। उनके नेतृत्व में पानी, शिक्षा, स्वच्छता और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है।

सुनीता दुग्गल ने कहा कि हालांकि महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है, लेकिन संसद और विधानसभाओं में उनका प्रतिनिधित्व अभी भी सीमित है। ऐसे में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत 33 प्रतिशत आरक्षण आवश्यक संतुलन स्थापित करेगा और लोकतंत्र को और मजबूत बनाएगा। उन्होंने कहा कि आज की महिलाएं केवल मतदाता नहीं, बल्कि छात्र, पेशेवर, उद्यमी और अधिकारी के रूप में देश निर्माण में अहम भूमिका निभा रही हैं। इसलिए शासन में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना समय की आवश्यकता है।

पूर्व सांसद ने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में भी महिलाओं के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं प्रभावी रूप से लागू की जा रही हैं, जिससे प्रदेश में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा मिली है। उन्होंने निष्कर्ष में कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल एक कानून नहीं, बल्कि विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने वाला निर्णायक कदम है। महिला नेतृत्व वाला विकास ही देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा और एक मजबूत, समावेशी भारत का निर्माण करेगा।

 

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