मोहाली, 19 मार्च 2026: पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की सातवीं कक्षा की विज्ञान की पाठ्यपुस्तक में भाषा और तकनीकी स्तर पर कई गंभीर त्रुटियां सामने आई हैं। यह मामला तब चर्चा में आया जब 2025-26 की परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों में भी भाषा संबंधी गलतियों के कारण बोर्ड की आलोचना हुई।
जानकारी के अनुसार, हाल ही में छपी इस पुस्तक में कई जगह शब्दों की गलत वर्तनी, गलत शीर्षक और वैज्ञानिक तथ्यों में विरोधाभास पाए गए हैं। उदाहरण के तौर पर ‘कार्बन डाइऑक्साइड’ को गलत लिखा गया है और प्रकाश संश्लेषण से जुड़े तथ्यों में भी असंगति पाई गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इन त्रुटियों से छात्रों में भ्रम पैदा हो सकता है। उन्होंने 50 से अधिक पन्नों की समीक्षा में अनेक खामियां उजागर की हैं। हैरानी की बात यह है कि इतनी गलतियों के बावजूद पुस्तक को बिना संशोधन के स्कूलों में वितरित किया जा रहा है।
इस मामले पर बोर्ड के डिप्टी सेक्रेटरी (अकादमिक) संदीप वर्मा ने स्वीकार किया कि पुस्तक में खामियां हैं और कहा कि जल्द ही सुधार के साथ जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।






