चंडीगढ़, 18 मार्च, 2026: पंजाब में नगर निगमों और नगर समितियों की वार्ड हदबंदी को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। बुधवार को पंजाब सरकार ने Punjab and Haryana High Court में स्पष्ट किया कि 31 दिसंबर 2025 के बाद जारी किए गए सभी वार्ड सीमांकन नोटिफिकेशन वापस लिए जा रहे हैं। इस फैसले को राज्य सरकार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, जिससे राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है।
सरकार के इस कदम के पीछे मुख्य कारण केंद्र सरकार के जनसंख्या विभाग का आदेश बताया जा रहा है, जिसके तहत 1 जनवरी 2026 से पूरे देश में वार्ड सीमांकन प्रक्रिया को ‘फ्रीज’ कर दिया गया था। यानी इस तारीख के बाद किसी भी नए वार्ड सीमांकन या सीमा परिवर्तन की अनुमति नहीं थी। इसके बावजूद पंजाब सरकार ने कई नगर निगमों और नगर समितियों के लिए नए नोटिफिकेशन जारी कर दिए, जिन्हें विभिन्न याचिकाओं के जरिए हाईकोर्ट में चुनौती दी गई।
सुनवाई के दौरान जब अदालत के सामने यह बात आई कि केंद्र के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद नए नोटिफिकेशन जारी किए गए थे, तो सरकार को पीछे हटना पड़ा। अंततः सरकार ने 31 दिसंबर 2025 के बाद जारी सभी नोटिफिकेशन वापस लेने का निर्णय पेश किया, जिसे अदालत ने रिकॉर्ड पर लेते हुए संबंधित नोटिफिकेशन रद्द कर दिए।
हालांकि मामला अभी खत्म नहीं हुआ है। 31 दिसंबर 2025 से पहले जारी किए गए वार्ड सीमांकन नोटिफिकेशनों को लेकर विवाद जारी है। कई याचिकाकर्ताओं ने इन पर गंभीर आपत्तियां जताई हैं, जिनमें कथित अनियमितताओं और राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोप शामिल हैं।
Punjab and Haryana High Court अब सोमवार को इन सभी लंबित याचिकाओं पर विस्तृत सुनवाई करेगा। उम्मीद की जा रही है कि अदालत इस पूरी प्रक्रिया की वैधता और पारदर्शिता पर अहम टिप्पणियां कर सकती है।
इस घटनाक्रम का असर राज्य में स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारियों पर भी पड़ सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि अदालत पुराने नोटिफिकेशनों पर सख्त रुख अपनाती है, तो चुनाव प्रक्रिया में और देरी संभव है। फिलहाल पूरे राज्य की नजर सोमवार की सुनवाई पर टिकी हुई है, जहां इस संवेदनशील मुद्दे पर अगला बड़ा फैसला सामने आ सकता है।






