चंडीगढ़/मलेरकोटला, 13 नवंबर, 2025 : पूर्व DGP मोहम्मद मुस्तफा के बेटे अकील अख्तर की मौत के मामले में हत्या की FIR दर्ज करवाने वाले शमशुद्दीन चौधरी की खुद की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। मलेरकोटला निवासी अनवर महबूब ने बुधवार (12 नवंबर) को CBI और पंजाब विजिलेंस ब्यूरो को शिकायत सौंपी है, जिसमें शमशुद्दीन पर ‘दलाल’ होने और बेनामी संपत्ति रखने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
शिकायत में लगे आरोप — “शमशुद्दीन DIG भुल्लर का दलाल था”
अनवर महबूब ने अपनी शिकायत में कहा है कि शमशुद्दीन चौधरी, निलंबित DIG हरचरण भुल्लर के लिए “दलाली” करता था। आरोप है कि जब हरचरण भुल्लर वर्ष 2011 से 2013 तक संगरूर के SSP थे, तब शमशुद्दीन उनके लिए काम करता था और उनके घर तक “कबाब पहुंचाने” का काम भी करता था।
बैंक खातों और संपत्तियों की जांच की मांग
अनवर महबूब ने CBI से मांग की है कि अगर शमशुद्दीन के बैंक खातों और लेनदेन की जांच की जाए, तो सच सामने आ जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि शमशुद्दीन के पास बड़ी मात्रा में बेनामी संपत्ति है और उसकी कई कंपनियां दूसरों के नाम पर चलाई जा रही हैं।
शमशुद्दीन की सफाई — “एक भी ट्रांजैक्शन दिखाओ”
इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए, शमशुद्दीन चौधरी ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया।
- उन्होंने कहा कि DIG हरचरण भुल्लर से उनका कोई संबंध नहीं है। वे 2010 के आसपास संगरूर में SSP थे, लेकिन उनके साथ कोई फोटो, वीडियो या दस्तावेज मौजूद नहीं है।
- उन्होंने चुनौती दी कि अगर वे दलाली में शामिल रहे हैं, तो उनके और DIG के खातों के बीच की “एक भी ट्रांजैक्शन” सामने लाई जाए।
पूर्व DGP मुस्तफा परिवार पर दर्ज कराई थी ‘मर्डर FIR’
यह पूरा मामला 16 अक्टूबर को पूर्व DGP मोहम्मद मुस्तफा के बेटे अकील अख्तर की पंचकुला में संदिग्ध मौत से जुड़ा है। अकील ने 27 अगस्त को एक वीडियो पोस्ट कर आरोप लगाया था कि उसका पूरा परिवार (जिसमें उसकी मां और बहन शामिल हैं) उसे मारने की साजिश रच रहा है।
इसी वीडियो के आधार पर शमशुद्दीन चौधरी ने मुस्तफा परिवार के खिलाफ हत्या की FIR दर्ज करवाई थी, जिसकी जांच अब CBI कर रही है।
शमशुद्दीन ने मांगी सुरक्षा
FIR दर्ज करवाने के बाद, शमशुद्दीन ने मलेरकोटला पुलिस से अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें या उनके परिवार को कोई नुकसान होता है, तो इसकी जिम्मेदारी पूर्व DGP मोहम्मद मुस्तफा की होगी।
शमशुद्दीन का यह भी कहना है कि उन्होंने 15 दिन पहले भी सुरक्षा के लिए पत्र लिखा था, लेकिन पंजाब सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें बार-बार धमकियां मिल रही हैं और उनकी जान को खतरा है।






