पटियाला, 12 जून, 2026 : शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर कृपाल सिंह बडूंगर ने अमर शहीद बाबा मोती राम मेहरा मेमोरियल चैरिटेबल ट्रस्ट, श्री फतेहगढ़ साहिब के नवनिर्वाचित चेयरमैन सुखदेव सिंह राज को बधाई देते हुए कहा कि अमर शहीद बाबा मोती राम मेहरा का सिख इतिहास में अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान और महान बलिदान है।
उन्होंने कहा कि बाबा मोती राम मेहरा ने दसवें गुरु गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबजादों बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह तथा माता गुजरी जी को मुगल शासन द्वारा ठंडे बुर्ज में कैद किए जाने के दौरान कड़ाके की सर्दी में अपनी पत्नी के सोने-चांदी के आभूषण पहरेदारों को रिश्वत स्वरूप देकर उन्हें गर्म दूध पहुंचाने की सेवा की थी।
प्रो. बडूंगर ने बताया कि जब मुगल हुकूमत को इस सेवा का पता चला तो सरहिंद के सूबेदार के अमानवीय आदेशों पर बाबा मोती राम मेहरा को शहीद कर दिया गया। साथ ही उनकी वृद्ध माता, सात वर्षीय पुत्र और पत्नी को भी कोल्हू में पिसवाकर शहीद कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि अपने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष कार्यकाल के दौरान उन्होंने बाबा मोती राम मेहरा की स्मृति में बाबा मोती राम मेहरा मेमोरियल कंप्यूटर साइंस एवं रिसर्च कॉलेज का निर्माण करवाया, जो माता गुजरी कॉलेज के निकट स्थित है। यहां बड़ी संख्या में विद्यार्थी आधुनिक शिक्षा प्राप्त कर आत्मनिर्भर बन रहे हैं। इसके अलावा अकाली दल सरकार के समय गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब परिसर में एक पार्क का नाम भी बाबा मोती राम मेहरा के नाम पर रखा गया।
प्रो. कृपाल सिंह बडूंगर ने नवनियुक्त चेयरमैन सुखदेव सिंह राज से अपील करते हुए कहा कि बाबा मोती राम मेहरा की महान शहादत और सेवा भावना को पूरे भारत और विश्व स्तर पर प्रचारित किया जाना चाहिए, ताकि नई पीढ़ी ऐसे महान शहीदों के बलिदान से परिचित हो सके और उनसे प्रेरणा प्राप्त कर सके।
फोटो: प्रोफेसर कृपाल सिंह बडूंगर, पूर्व अध्यक्ष, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी।






