चंडीगढ़, 17 जून, 2026 : पंजाब विधानसभा चुनाव फरवरी-मार्च 2027 में निर्धारित समय पर ही होने की संभावना है। हालांकि, वर्ष 2027 की जनगणना के दूसरे चरण और विधानसभा चुनावों के कार्यक्रम के बीच संभावित टकराव को देखते हुए केंद्र सरकार जनगणना के दूसरे चरण को पहले कराने पर विचार कर सकती है।
एक रिपोर्ट के अनुसार पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में विधानसभा चुनाव तय कार्यक्रम के अनुसार फरवरी-मार्च 2027 में ही कराए जाने की संभावना है। फिलहाल चुनावों को आगे बढ़ाने या उनके कार्यक्रम में बदलाव करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि जनगणना 2027 का दूसरा चरण, जिसे वर्तमान में 9 फरवरी 2027 से शुरू करने का प्रस्ताव है, उसे चुनावी प्रक्रिया से पहले आयोजित किया जा सकता है। ऐसा करने से जनगणना और चुनाव दोनों कार्य बिना किसी प्रशासनिक या लॉजिस्टिक बाधा के सुचारू रूप से संपन्न हो सकेंगे।
रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार और संबंधित एजेंसियां चुनाव कार्यक्रम में बदलाव करने के बजाय जनगणना के समय में आवश्यक संशोधन करने की संभावनाओं पर विचार कर रही हैं। यदि यह प्रस्ताव मंजूर हो जाता है तो पंजाब समेत पांचों राज्यों में विधानसभा चुनाव निर्धारित समय पर होंगे, जबकि जनगणना के दूसरे चरण की तिथियों में बदलाव किया जा सकता है।
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस संभावना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि दोनों बड़े राष्ट्रीय कार्य एक ही अवधि में होने से संसाधनों और कर्मचारियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। ऐसे में जनगणना का कार्यक्रम आगे खिसकाने से चुनावी तैयारियों को भी सुचारू बनाए रखने में मदद मिलेगी।






