श्री गुरु ग्रंथ साहिब का भाषाई परिप्रेक्ष्य’ विषय पर रखे गए विचार
पटियाला,17 जून,2026 : पंजाब सरकार के संरक्षण में भाषा विभाग, पंजाब द्वारा श्री गुरु अर्जन देव जी की शहादत को समर्पित प्रख्यात विद्वान पद्मश्री डॉ. रतन सिंह जग्गी की स्मृति में भाषा भवन, पटियाला में एक स्मृति व्याख्यान का आयोजन किया गया। ‘श्री गुरु ग्रंथ साहिब का भाषाई परिप्रेक्ष्य’ विषय पर आयोजित इस व्याख्यान के दौरान डॉ. बलकार सिंह ने अपना भावपूर्ण शोध-पत्र प्रस्तुत किया।
समारोह में प्रोत्साहन हेतु डॉ. गुरशरण कौर जग्गी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री बी.एस. रतन (सेवानिवृत्त आई.आर.एस.) ने की। डॉ. चरणजीत कौर बराड़ ने डॉ. रतन सिंह जग्गी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर अपने विचार प्रस्तुत किए। इस अवसर पर वक्ताओं ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब के भाषाई परिप्रेक्ष्य पर प्रकाश डालते हुए गुरमत के महान शोधकर्ता डॉ. रतन सिंह जग्गी के जीवन, उनके उल्लेखनीय योगदान तथा अपने कार्य के प्रति उनकी अद्भुत निष्ठा का उल्लेख किया।
भाषा विभाग के निदेशक श्री जसवंत सिंह ज़फ़र ने अपने स्वागत भाषण में सर्वप्रथम श्री गुरु अर्जन देव जी की अद्वितीय शहादत को श्रद्धापूर्वक नमन किया तथा डॉ. रतन सिंह जग्गी द्वारा गुरमत काव्य और सिख इतिहास पर किए गए महत्वपूर्ण शोध कार्यों का उल्लेख किया।
मुख्य वक्ता प्रोफेसर बलकार सिंह ने विषय पर अपना शोध-पत्र प्रस्तुत करते हुए कहा कि, “भाषा वह साझा अर्थ है जिसके माध्यम से मनुष्य, प्रकृति और भविष्य एक-दूसरे को पहचानते हैं। पंजाब का भविष्य, पंजाबी भाषाईकरण का भविष्य होगा।”
डॉ. चरणजीत कौर बराड़ ने डॉ. रतन सिंह जग्गी के जीवन से जुड़ी अनेक प्रेरणादायक घटनाओं को साझा करते हुए उनकी मेहनत और विद्वता को नमन किया तथा आज के युवाओं से उनके जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
इस अवसर पर विभाग की ओर से विशिष्ट अतिथियों को विभागीय शॉल एवं पुस्तकों के सेट भेंट कर सम्मानित किया गया। मंच संचालन शोध अधिकारी डॉ. मनजिंदर सिंह ने किया, जबकि डॉ. सतपाल सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष डॉ. केहर सिंह, पंजाब पावर कॉरपोरेशन के पूर्व अध्यक्ष इंजीनियर बलदेव सिंह, पूर्व निदेशक हरजीत सिंह, सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता जतिंदर सिंह, लुधियाना से नामधारी सूबा हरभजन सिंह, पूर्व आई.ए.एस. मालविंदर सिंह जग्गी, बलविंदर संधू, प्राण सभरवाल, अवतारजीत सिंह, रंगकर्मी राजेश शर्मा, भाषा विभाग की अतिरिक्त निदेशक चंदनदीप कौर, उपनिदेशक आलोक चावला, सहायक निदेशक अमरिंदर सिंह, जसप्रीत कौर, सुरिंदर कौर, दविंदर कौर, राबिया तथा अन्य सिख विद्वान एवं शोधार्थी भी समारोह में उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन: भाषा विभाग के निदेशक श्री जसवंत सिंह ज़फ़र, डॉ. गुरशरण कौर जग्गी, डॉ. बलकार सिंह, श्री बी.एस. रतन एवं डॉ. चरणजीत कौर बराड़ को सम्मानित करते हुए।






