संगरूर, 9 जून पंजाब सरकार की ओर से राज्य को नशा मुक्त बनाने के लिए चलाए जा रहे “युद्ध नशों के विरुद्ध” और “पिंडां दे पहरेदार” अभियान के तहत संगरूर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एनडीपीएस एक्ट के तहत 7 मामले दर्ज कर 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
यह जानकारी देते हुए एसएसपी संगरूर डॉ. रवजोत ग्रेवाल ने बताया कि सब-डिवीजन संगरूर पुलिस को उस समय महत्वपूर्ण सफलता मिली जब थाना सदर संगरूर को सूचना मिली कि करणवीर सिंह उर्फ करणा, मनमोहन सिंह उर्फ गग्गू निवासी कुलार खुर्द तथा अमनदीप सिंह उर्फ मनी निवासी तुंगा नशीले पदार्थों की तस्करी में लिप्त हैं और उनके पास अवैध हथियार भी है।
सूचना के आधार पर डीएसपी संगरूर दलवीर सिंह सिद्धू की निगरानी में पुलिस टीम ने छापेमारी कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से 9.51 ग्राम हेरोइन (चिट्टा), 180 नशीली गोलियां, एक अवैध पिस्तौल तथा 6 कारतूस बरामद किए गए।
पुलिस के अनुसार आरोपी मनमोहन सिंह उर्फ गग्गू के खिलाफ पहले से 2 तथा करणवीर सिंह उर्फ करणा के खिलाफ 3 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड हासिल किया जाएगा, जिससे पूछताछ के दौरान और भी अहम खुलासे होने की संभावना है।
एसएसपी ने बताया कि 2 जून से 8 जून 2026 के दौरान सब-डिवीजन संगरूर पुलिस ने नशा तस्करी के 6 अन्य मामले दर्ज कर 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इस दौरान 6550 नशीली गोलियां और 28.51 ग्राम हेरोइन बरामद की गई।
इसके अलावा आबकारी अधिनियम के तहत 2 मामले दर्ज कर 1 आरोपी को गिरफ्तार किया गया, जिसके कब्जे से 240 बोतल देसी शराब बरामद हुईं। इनमें 144 बोतल देसी शराब सॉफी चंडीगढ़ और 96 बोतल देसी शराब जमीला संतरा चंडीगढ़ शामिल हैं।
पुलिस ने गंभीर अपराधों और अन्य मामलों में 6 अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। वहीं नशे की लत से जूझ रहे 6 व्यक्तियों को नशा मुक्ति उपचार के लिए दवाइयां उपलब्ध करवाई गईं।
कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के 164 चालान काटे गए। संदिग्ध व्यक्तियों की जांच के दौरान 152 लोगों के खिलाफ धारा 172 बीएनएसएस के तहत कार्रवाई की गई, जबकि 4 व्यक्तियों के खिलाफ निवारक कार्रवाई अमल में लाई गई।
एसएसपी डॉ. रवजोत ग्रेवाल ने आम जनता से नशा विरोधी अभियान में सहयोग की अपील करते हुए कहा कि पंचायतों, खेल क्लबों और समाज के प्रमुख लोगों के साथ बैठकें कर युवाओं को नशों के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि नशा तस्करी से संबंधित किसी भी जानकारी की तुरंत पुलिस को सूचना दें, ताकि समाज से नशे की बुराई को जड़ से खत्म किया जा सके।






