जयपुर/गुरुग्राम, 13 मई 2026 : NEET (UG) पेपर लीक मामले में जांच एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। राजस्थान की Special Operations Group Rajasthan (SOG) ने सीकर से जुड़े एक BAMS छात्र यश को हिरासत में लिया है, जिसे पेपर लीक करने वाले मुख्य गिरोह और परीक्षार्थियों के बीच अहम कड़ी माना जा रहा है।
जांच में सामने आया है कि गुरुग्राम के एक डॉक्टर से जमवारामगढ़ निवासी दो भाइयों मांगीलाल बिवाल और दिनेश बिवाल ने 26 और 27 अप्रैल को कथित तौर पर करीब 30 लाख रुपये में NEET का पेपर खरीदा था। इसके बाद दिनेश बिवाल ने यह पेपर अपने बेटे को दिया, जो सीकर में मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा था।
जांच एजेंसियों के अनुसार 29 अप्रैल को यही पेपर कई अन्य छात्रों और अभिभावकों तक पहुंचाया गया। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि उन्हें करीब एक महीने पहले ही पेपर लीक होने की जानकारी मिल गई थी। बताया जा रहा है कि दिनेश बिवाल के परिवार के चार बच्चों का पिछले वर्ष NEET में चयन हुआ था।
SOG की टीम ने तकनीकी इनपुट और गुप्त सूचना के आधार पर गुरुग्राम के फर्रुखनगर क्षेत्र के खुरमपुर गांव में मंगलवार रात छापा मारकर यश को हिरासत में लिया। यश जीरा देवी मेडिकल कॉलेज
में प्रथम वर्ष का छात्र है और सीकर में रहकर कोचिंग कर चुका है। प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि वहीं से उसका संपर्क पेपर लीक नेटवर्क से हुआ।
सूत्रों के मुताबिक, यश के पास परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र या उसके उत्तर पहुंच चुके थे, जिन्हें आगे अन्य लोगों तक पहुंचाया गया। अब पुलिस उसके बैंक खातों, मोबाइल कॉल डिटेल और हालिया संपर्कों की गहन जांच कर रही है, ताकि नेटवर्क से जुड़े अन्य डॉक्टरों, छात्रों और कोचिंग संचालकों तक पहुंचा जा सके।
उधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए Central Bureau of Investigation (CBI) ने भी जांच तेज कर दी है। सीबीआई की टीम National Testing Agency (NTA) के दिल्ली स्थित कार्यालय पहुंची, जहां पेपर कोड जारी करने की प्रक्रिया, प्रश्नपत्र तैयार करने वाले कर्मचारियों और सैंपल पेपर से संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि प्रश्नपत्र लीक होकर आरोपियों तक कैसे पहुंचा।