कोलकाता, 7 मई 2026 : पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद हिंसा की घटनाओं को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की मध्यमग्राम के पास गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद राजनीतिक दल आमने-सामने आ गए हैं।
बताया जा रहा है कि बुधवार रात अज्ञात हमलावरों ने चंद्रनाथ रथ पर फायरिंग की, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही सुवेंदु अधिकारी देर रात अस्पताल पहुंचे।
सत्तारूढ़ अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कोर्ट की निगरानी में CBI जांच की मांग की है। पार्टी ने अपने बयान में कहा कि लोकतंत्र में हिंसा और राजनीतिक हत्याओं की कोई जगह नहीं है तथा दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिलनी चाहिए। TMC ने यह भी दावा किया कि पिछले तीन दिनों में चुनाव बाद हिंसा में उसके तीन कार्यकर्ताओं की भी हत्या हुई है, जिसके लिए भाजपा समर्थित तत्व जिम्मेदार हैं।
वहीं, आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने इस घटना को लेकर केंद्र सरकार और केंद्रीय सुरक्षा बलों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राज्य में तैनात ढाई लाख केंद्रीय बल आखिर ऐसी घटनाओं को रोकने में क्यों नाकाम रहे। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस घटना की जिम्मेदारी लेने की मांग भी की।इस बीच, भारत के चुनाव आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव, डीजीपी और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को चुनाव बाद हिंसा की घटनाओं पर “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाने के निर्देश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 207 सीटें जीतकर बड़ी सफलता हासिल की है और सरकार गठन की तैयारी में जुटी हुई है।






