चंडीगढ़, 2 मई 2026: पंजाब की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है, जहां संदीप पाठक समेत आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए राज्यसभा सांसदों की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। पंजाब सरकार ने संदीप पाठक के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज की हैं, जिनमें गैर-जमानती धाराएं शामिल बताई जा रही हैं।
सूत्रों के अनुसार, ये मामले महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार और भ्रष्टाचार से जुड़े हैं, हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि एफआईआर किन थानों में दर्ज की गई हैं। बताया जा रहा है कि कार्रवाई उनके आम आदमी पार्टी छोड़ने के तुरंत बाद शुरू हुई। गिरफ्तारी की आशंका के बीच पंजाब पुलिस की एक टीम ने उनके नई दिल्ली स्थित आवास पर भी दबिश दी, लेकिन वे वहां मौजूद नहीं मिले।
इससे पहले पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने राजिंदर गुप्ता के ट्राइडेंट ग्रुप के प्लांट पर भी छापेमारी की थी, जिसे राजनीतिक रूप से प्रेरित कार्रवाई माना गया।
गौरतलब है कि 25 अप्रैल को राघव चड्ढा के साथ संदीप पाठक ने भाजपा का दामन थामा था। उनके अलावा हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, विक्रम साहनी और अन्य सांसद भी पार्टी बदल चुके हैं। कुल 11 में से 7 राज्यसभा सांसदों के भाजपा में शामिल होने से उच्च सदन में भाजपा की संख्या बढ़कर 113 हो गई है।
पार्टी बदलने के बाद संदीप पाठक को अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ में विरोध का सामना करना पड़ा। मुंगेली जिले में उनके पैतृक घर के बाहर आप कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और उन पर विश्वासघात के आरोप लगाए।
संदीप पाठक को आम आदमी पार्टी के प्रमुख रणनीतिकारों में गिना जाता रहा है और पंजाब में पार्टी की सरकार बनाने में उनकी अहम भूमिका मानी जाती है। ऐसे में उनके खिलाफ हो रही कार्रवाई को लेकर सियासी माहौल और भी गरमा गया है।






