चंडीगढ़, 28 अप्रैल 2026: राघव चड्ढा सहित सात सांसदों के पार्टी छोड़ने के बाद आम आदमी पार्टी (आप) ने पंजाब में स्थिति संभालने के लिए सक्रिय कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। पार्टी ने 29 अप्रैल को सभी विधायकों को जालंधर में एक महत्वपूर्ण बैठक के लिए बुलाया है। इसके अलावा ब्लॉक ऑब्जर्वर और फ्रंटल संगठनों के प्रमुखों को भी इस बैठक में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया है। बैठक में भगवंत मान भी शामिल होंगे और उनके नेतृत्व में मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर मंथन किया जाएगा। इसके साथ ही वरिष्ठ नेता मनीष सिसौदिया और पंजाब सरकार के मंत्री अमन अरोड़ा भी बैठक में मौजूद रहेंगे।हालांकि बैठक का आधिकारिक एजेंडा सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि यह बैठक सात सांसदों के पार्टी छोड़ने के बाद विधायकों की स्थिति और रुख का आकलन करने के लिए बुलाई गई है। पार्टी नेतृत्व यह सुनिश्चित करना चाहता है कि राज्य इकाई में किसी तरह की टूट या असंतोष की स्थिति न बने।
इस बीच, संजय सिंह ने राज्यसभा के महासचिव को पत्र लिखकर एक अलग मुद्दा उठाया है। उन्होंने राज्यसभा के रिकॉर्ड से ‘आप’ सांसदों के नाम के साथ पार्टी का नाम कथित रूप से हटाए जाने पर आपत्ति जताई है और इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है।
संजय सिंह ने अपने पत्र में इस पूरे मामले की तत्काल जांच कराने और लिखित जवाब देने की मांग की है। साथ ही उन्होंने उन सभी आदेशों की प्रतियां भी मांगी हैं, जिनके आधार पर सांसदों के नाम से पार्टी का नाम हटाया गया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा घटनाक्रम के बाद आम आदमी पार्टी पंजाब में संगठन को एकजुट रखने और संभावित नुकसान को नियंत्रित करने के लिए हर संभव रणनीति अपनाने में जुटी हुई है।






