संगरूर, 27 अप्रैल 2026: जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट अंकुर महेंद्रू ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत सख्त आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के तहत जिले की सीमाओं में लोगों के एकत्र होने, धार्मिक स्थलों, विवाह समारोहों, जन्मदिन पार्टियों और सार्वजनिक स्थानों पर हथियार, लाठियां, गंडासे, तेजधार हथियार, कुल्हाड़ियां आदि लेकर चलने पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके अलावा किसी भी प्रकार का जुलूस निकालने, नारेबाजी करने और पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने पर भी रोक लगाई गई है। यह आदेश 22 जून 2026 तक लागू रहेंगे।
हालांकि यह प्रतिबंध पुलिस, होमगार्ड, सीआरपीएफ और सरकारी ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा कर्मियों पर लागू नहीं होगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि ये कदम जिले में शांति और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए हैं।
इसी के साथ अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट ने पोल्ट्री फार्म, राइस शेलर, भट्ठों, छोटे उद्योगों और मकान मालिकों के लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे अपने यहां काम करने वाले या रहने वाले सभी व्यक्तियों और किरायेदारों का पूरा विवरण, पता और फोटो संबंधित थाने या पुलिस चौकी में दर्ज कराएं। साथ ही मजदूरों से लिखित सहमति भी ली जाए कि वे अपनी इच्छा से काम कर रहे हैं। यह कदम बाहरी श्रमिकों और किरायेदारों का रिकॉर्ड रखने तथा अपराध की स्थिति में आरोपियों की पहचान आसान बनाने के लिए उठाया गया है।
इसके अलावा गांवों के चौकीदारों को भी निर्देश दिए गए हैं कि यदि कोई बाहरी व्यक्ति गांव में आकर बसता है तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी जाए। ये आदेश भी 22 जून 2026 तक प्रभावी रहेंगे।
वहीं, जिले में हुक्का बारों पर पहले से लागू प्रतिबंध की अवधि को भी बढ़ा दिया गया है। प्रशासन ने बताया कि हुक्का बार युवाओं को नशे की ओर धकेल रहे हैं और स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन रहे हैं। कई स्थानों पर नाबालिगों को भी तंबाकू और अन्य हानिकारक पदार्थ उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जो कानून का उल्लंघन है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किसी को भी नागरिकों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने की अनुमति नहीं दी जाएगी और पूरे जिले में हुक्का बारों पर पूर्ण प्रतिबंध 22 जून 2026 तक जारी रहेगा।






